वहीं बारिश के कारण ही हरिनगर में सोमवार सुबह फिर दो पहाड़ियां टूटकर बलियानाले में समा गईं। सुबह सात बजे हुए भारी भूस्खलन से स्थानीय लोग दहशत में आ गए और छाता लगाकर बारिश में ही घरों से बाहर भाग खड़े हो गए।
जीआईसी के खेल मैदान से सटी एक पहाड़ी और कुछ घरों में भी दरारें आ गईं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगभग 35 फुट क्षेत्र नाले में समा गया है। भारी भूस्खलन की आशंका को देखते हुए एडीएम प्रशासन हरबीर सिंह ने सात परिवारों के 38 सदस्यों को जीजीआईसी में शिफ्ट किया गया है।
अल्मोड़ा के स्याल्दे ब्लॉक के जूनियर हाईस्कूल में तैनात चार शिक्षकों की कार धनगढ़ी नाले की बाढ़ में बह गई। स्थानीय लोगों की मदद से सभी शिक्षकों को बचा लिया गया।
ग्राम कानिया निवासी योगेंद्र सिंह बिष्ट, मोहल्ला भरतपुरी के हरीश चंद्र, काशीपुर के कृष्ण कुमार, स्याल्दे निवासी खुशहाल सिंह स्याल्दे ब्लॉक अल्मोड़ा के जूनियर हाईस्कूल कल्याणपुरी में शिक्षक हैं।
वह रोजाना एक कार से स्कूल जाते हैं। सोमवार सुबह छह बजे स्कूल जाते समय योगेंद्र सिंह बिष्ट की वेगनआर कार यूके 04एम 7461 से निकले थे। करीब साढ़े छह बजे उनकी कार धनगढ़ी नाले के बीच में बंद हो गई, तब बहाव कम था। काफी देर तक प्रयास करने के बावजूद कार स्टार्ट नहीं हुई और वे वहीं फंस गए।