कर्णप्रयाग में तनाव के बाद धारा 163 लागू, पांच से अधिक लोगों के जुटने पर पाबंदी
मुख्य बाजार में बीते दिनों निहंग सिखों और स्थानीय व्यापारियों के बीच हुई मारपीट की घटना के बाद क्षेत्र में तनाव गहरा गया है। सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश और सिख संगठनों द्वारा दिए गए अल्टीमेटम को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से कड़े कदम उठाए हैं। परगना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और वर्तमान में जारी चारधाम यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासन ने धारा 163 (निषेधाज्ञा) लागू कर दी है। उपजिलाधिकारी अलकेश नौडियाल द्वारा जारी यह आदेश 20 जून की शाम 7 बजे से प्रभावी होकर आगामी 27 जून तक लागू रहेगा।
प्रदर्शन की चेतावनी से गर्माया माहौल
बीती 16 जून को कर्णप्रयाग बाजार में किसी बात को लेकर निहंग यात्रियों और स्थानीय निवासियों के बीच तलवार बाजी और मारपीट हो गई थी। इस घटना के बाद से ही सोशल मीडिया पर लगातार बहसबाजी का दौर चल रहा है। इस बीच, कुछ सिख संगठनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी थी कि यदि 21 जून तक क्रास प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई, तो वे कर्णप्रयाग में धरना प्रदर्शन करेंगे। खुफिया इनपुट और शांति भंग होने की प्रबल आशंका को देखते हुए एसडीएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए यह प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। एसडीएम अलकेश नौडियाल ने जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है।