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पालिकाध्यक्ष की किराए की कार का विरोध तेज

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नगर पालिकाध्यक्ष शांति जुंवाठा का नया वाहन इन दिनों चौतरफा चर्चाओं में है। वजह है उसका प्रतिमाह का किराया। बताया जाता है कि पालिका प्रशासन ने पालिकाध्यक्ष के लिए जो कार हायर की है उसका प्रतिमाह का किराया 40 हजार रुपये है। ‘कम बजट’ वाली पालिका के इस ‘बड़े बजट’ वाले फैसले का विरोध तेज हो गया है।
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ह्यूमन राइट्स एंड आरटीआई एसोसिएशन ने इस फैसले को तुगलकी फरमान बता सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद शर्मा का कहना है कि पालिका क्षेत्र में इनकम के साधन बेहद कम हैं। हर साल पालिका प्रशासन को लाखों रुपये का घाटा उठाना पड़ता है। ऐसे में पालिकाध्यक्ष के लिए 40 हजार रुपये के मासिक खर्चे पर कार हायर करना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि कार पर 40 हजार रुपये प्रतिमाह किराये के साथ ही 15 हजार रुपये चालक और करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह तेल पर खर्च होंगे। इसका सीधा बोझ आम जनता पर टैक्स के रूप में डाला जाएगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक सफेदपोश के इशारे पर ही किसी करीबी को लाभ पहुंचाने के लिए पालिका प्रशासन ने इतने महंगे किराये पर कार हायर की है। कहा कि जनता के रुपयों की इस तरह बर्बादी नहीं होने दी जाएगी। अगर पालिका प्रशासन अपना निर्णय वापस नहीं लेता तो एसोसिएशन सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी।
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सोशल मीडिया पर भी चर्चाएं जोरों पर
पालिका प्रशासन के इतने महंगे दाम पर वाहन हायर करने के निर्णय की सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि पालिका के पास शहर की ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन इतने महंगे किराये पर कार हायर करने के लिए पैसे हैं। शहर में कई विकास योजनाओं का पैसा अभी तक रिलीज नहीं हुआ है। ऐसे में पालिका को महंगे शौक पूरा करने के बजाए विकास कार्यों पर ध्यान देना चाहिए।
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बोर्ड बैठक का है निर्णय
पालिका प्रशासन बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय का ही अनुपालन कर रहा है। बोर्ड बैठक में ही प्रस्ताव पारित कर कार को 40 हजार रुपये प्रतिमाह के किराये पर हायर करने का निर्णय लिया गया था।
- बीएल आर्य, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका विकासनगर
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कांग्रेस ने किया था विरोध
बोर्ड बैठक में कांग्रेस से जुड़े सभासदों ने इतने महंगे दाम पर कार को किराये पर लेने का पुरजोर विरोध किया था। कांग्रेस से जुड़े सभासदों का तर्क था कि इतने महंगे दाम पर कार हायर करने की बजाय विकास कार्यों पर फोकस किया जाए। बावजूद इसके इतने महंगे दाम पर कार हायर करने का निर्णय बोर्ड बैठक में बहुमत से पास हो गया।
- शम्मी प्रकाश, सभासद, कांग्रेस
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बजट में कटौती के लिए किराये पर ली कार
सरकारी प्रक्रिया के अनुसार ही कार को हायर किया गया है। पूर्व में मैं प्राइवेट वाहनों से क्षेत्र में घूम कर लोगों की समस्याएं सुन रही थी, लेकिन किसी प्राइवेट वाहन पर पालिकाध्यक्ष संबंधी बोर्ड नहीं लगाया जा सकता था। पालिका के पास दो कार खरीदने का प्रस्ताव था, लेकिन बजट में कटौती के लिए एक ही कार को हायर करने का निर्णय लिया गया।
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- शांति जुंवाठा, पालिकाध्यक्ष, विकासनगर
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