स्वैच्छिक रक्तदान के लिए पंजीकरण कराने को कहा
इसके अलावा उन्होंने समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों से टीबी मुक्त उत्तराखंड अभियान से जुड़ कर एक-एक टीबी मरीज गोद लेने, छात्र-छात्राओं की डिजीटल हेल्थ आईडी बनाने, प्रत्येक छात्र-छात्राओं के ब्लड ग्रुप की पहचान करने व स्वैच्छिक रक्तदान के लिए पंजीकरण कराने को कहा।
बैठक में निर्णय लिया कि सभी राजकीय महाविद्यालयों में 4-जी कनेक्टीविटी के लिए संबंधित प्राचार्य किसी भी नेटवर्क कंपनी से उपलब्धता के आधार पर कनेक्शन ले सकते हैं। जिसका भुगतान मासिक या वार्षिक आधार पर छात्र निधि से प्राप्त धनराशि से किया जा सकता है।
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बैठक में सचिव उच्च शिक्षा शैलेश बगोली, अपर सचिव प्रशांत आर्य, सलाहकार रूसा प्रो. एमएसएम रावत, प्रो केडी पुरोहित, निदेशक उच्च शिक्षा प्रो. प्रवीन जोशी, संयुक्त निदेशक प्रो. एएस उनियाल के साथ ही 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे जबकि राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्य वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।