पर्यावरणविद् विपिन कुमार गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर मसूरी में नवंबर से लेकर फरवरी के बीच सूर्यास्त के बाद पश्चिम दिशा में आसमान में एक अनोखा नजारा दिखाई होता है। आसमान में एक रंग उभरता है मानो कुदरत अपना जादू बिखेर रही हो। लाल, नारंगी इस रंगीन रेखा को जो भी देखता है बस देखता ही रह जाता है। इसे ही विंटर लाइन कहते हैं।
दुनियां में कुछ जगहों पर ही दिखता है अद्भुत नजारा
अंग्रेजी लेखक गणेश सैली का कहना है कि यह एक अद्भुत घटना है, जो दुनिया में कुछ जगहों पर ही दिखाई देती है। इसमें मसूरी, केपटाउन, अफ्रीका, स्विटजरलैंड शामिल हैं। ये दुनिया की सबसे बड़ी छाया है, जो इतने बड़े आसमान में दिखाई देती है।
शहर में बनाए जाएंगे व्यू प्वांइट : पलिकाध्यक्ष
नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता का कहना है कि विंटर लाइन देखने के लिए शहर में अलग-अलग स्थानों पर व्यू प्वाइंट बनाए जाएंगे। साथ ही विंटर लाइन का प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा। इससे विंटर सीजन में पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि विंटर लाइन ऑफ सीजन में पर्यटन का एक अच्छा माध्यम बन सकती है।