पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने 16 करोड़ की लागत से हुए जीर्णोद्धार के बाद काफी हद तक अपने पुराने स्वरूप में आए जार्ज एवरेस्ट हाउस का लोकार्पण किया। इसी घर में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की सही ऊंचाई और लोकेशन बताने वाले सर जार्ज एवरेस्ट ने अपने जीवन के दस साल गुजारे थे। उन्होंने बताया कि यहां एक म्यूजियम भी बनाया जाएगा जिसमें पर्यटकों को इस जगह के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी दी जाएगी।
विकसित करने का संकल्प लिया था: सतपाल महाराज
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि हाथी पांव के निकट 172 एकड़ में बने सर जार्ज एवरेस्ट हाउस और इससे लगभग 50 मीटर की दूरी पर प्रयोगशाला जिसका निर्माण 1832 में हुआ था ये सब जर्जर स्थिति में थे। उन्होंने इस ऐतिहासिक स्थल को विकसित करने का संकल्प लिया था और आज यह संकल्प पूरा हो गया।
जीर्णोद्वार कार्य 18 जनवरी 2019 को शुरू किया गया था। जार्ज एवरेस्ट हाउस सहित आसपास के क्षेत्र के विकास के लिए 23 करोड़ 29 लाख 47 हजार रुपये स्वीकृत हैं। पहले चरण में सर जार्ज एवरेस्ट हाउस और इसके आसपास के क्षेत्र का करीब 16 करोड़ की लागत से जीर्णोद्धार किया जा चुका है।