मसूरी शहर के शिफन कोर्ट में रोपवे कंपनी के गेट निर्माण का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने खदेड़ दिया। इस बीच कई बार पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच नोकझोंक भी हुई। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। वहीं धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों के समर्थन में कांग्रेस व आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी शहीद स्थल पर पहुंचे।
बता दें, शिफन कोर्ट से हटाए लोग उन्हें स्थायी व्यवस्था किए जाने की मांग को लेकर आंदोलित हैं। लोगों का कहना है कि रोपवे निर्माण कंपनी यहां गेट लगाकर उनका रास्ता बंद कर रही है। इसके अलावा पुलिस व प्रशासन उनकी आवाज दबा रहा है। इसी बात को लेकर शिफन कोर्ट से विस्थापित लोगों ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया था।
मंगलवार को भी स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन पर अड़े रहे। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए सभी को वहां से खदेड़ दिया और पांच लोगों को पकड़ ले गई। शिफन कोर्ट में उग्र विरोध प्रदर्शन कर रहे संपति लाल, एमएन भट्ट और बृजमोहन के खिलाफ 151 के तहत कार्रवाई की।
सीओ नरेंद्र पंत ने कहा कि नगर पालिका की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों को पहले ही हटाया गया था। इसके बाद कुछ लोग फिर से शिफन कोर्ट में रोपवे निर्माण में लगी कंपनी के कार्य में बाधा डालने का प्रयास कर रहे थे। इसी के तहत तीन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
वहीं शिफन कोर्ट के अनुज शाह ने कहा कि जब तक सभी लोगों को स्थायी ठिकाना नहीं मिलता तब तक शहीद स्थल पर विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। विनोद लाल कहते हैं कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन गरीबों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।