बर्ड फ्लू को देखते हुए पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग ने पीपीई किट के लिए दस लाख रुपये बजट की मांग की है। पशुपालन मंत्री रेखा आर्य ने विभाग को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं तो दूसरी ओर लोगों से भी अपील की है कि वह घबराएं नहीं, उत्तराखंड में हालात नियंत्रण में हैं।
मंगलवार को विधानसभा में आयोजित समीक्षा बैठक में महिला कल्याण एवं बाल विकास, पशुपालन, भेड़ एवं बकरी पालन, चारा एवं चारागाह विकास एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य ने समीक्षा बैठक ली। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में बर्ड फ्लू की स्थिति नियंत्रण में है। बर्ड फ्लू से डरने, घबराने की आवश्यकता नही है, बल्कि सतर्क और जागरूक बनने की जरूरत है।
मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि उत्तराखंड में पोल्ट्री सेक्टर में बर्ड फ्लू नहीं पाया गया है। बर्ड फ्लू संक्रमण के नियंत्रण के लिए आज राज्य स्तरीय और जनपद स्तरीय समिति का गठन किया गया। राज्य स्तरीय समिति के अध्यक्ष अपर मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त उत्तराखंड शासन और जनपद स्तरीय समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी होंगे।
बैठक में बताया कि पशुपालन विभाग पक्षियों की सैंपलिंग लगातार कर रहा है। पोल्ट्री सेक्टर को निगरानी में रखा गया है तथा हाई अलर्ट जारी किया गया है। किसी भी प्रकार की मुर्गियों, इत्यादि में किसी भी प्रकार की बीमारी या संक्रमण होने पर नोटिस देकर उसे तुरंत लैब में भेजने के साथ-साथ अन्य मुर्गियों से दूरी बनने के कड़े निर्देश अधिकारियों को दिए। गढ़वाल और कुमाऊं मंडल में अगर कोई प्राकृतिक मृत्यु हुई है तो उसकी सैंपलिंग करते हुए बरेली भेजा गया है।
जिसकी रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है। बर्ड फ्लू अभी जंगली पक्षियों में ही पाया गया है। मंत्री ने निर्देश दिए कि 14 जनवरी को पोल्ट्री सेक्टर के किसानों और वैज्ञानिक, विषय विशेषज्ञ के साथ गोष्ठी का आयोजन किया जाए। बैठक में महिला कल्याण एवं बाल विकास, अपर निदेशक केके जोशी, सीवीओ एमएस नयाल, प्रेम कुमार उप सचिव पशुपालन बीएस पुंडीर इत्यादि थे।