इस दौरान अतिक्रमण हटाए जाने के विरोध में आप पार्टी के कार्यकर्ता पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला और कांग्रेस प्रदेश महामंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मसूरी गांधी चौक पर प्रदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि गरीब को हटाने के लिए प्रशासन द्वारा तमाम भर की फोर्स दी गई। परंतु गरीबों को समायोजित करने के लिए कोई बात नहीं कर रहा है जो कि गलत है। उन्होंने कहा कि हम पुरुकुल रोपवे परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन योजना गरीबों की छाती पर रखकर बनाई जाएगी तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मसूरी में शिफन कोर्ट में अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ऐसे में पहले चरण में 84 अतिक्रमण में से उन लोगों के अतिक्रमण हटाए जा रहे हैं, जिनके द्वारा स्वयं अतिक्रमण को हटाने का शपथ पत्र नहीं दिया गया है। जिनके द्वारा शपथ पत्र दिया गया है, उन्हें 10 सितंबर तक का समय दे दिया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद पूरी कार्रवाई अमल में लाई गई है। ऐसे में न्यायालय के आदेश का हर हाल में पालन कराया जा रहा है।
- अरविंद पांडे, एडीएम प्रशासन
शिफन कोट का अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल को लेकर गई बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए। बस अचानक तेजी से पीछे की ओर चलने लगी। सूझबूझ दिखाते हुए किसी तरह उसे रोका गया, जिससे वह खाई में गिरने से बच गई। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया। इस संबंध में विधायक गणेश जोशी ने भी पुलिस से जानकारी ली।
बस देहरादून से पीएसी जवानों को लेकर आई थी, जिसमें दो दर्जन से अधिक जवान थे। जब बस को शिफन कोट के ऊपर रोक कर जवानों को उतारा जा रहा तो उसके ब्रेक फेल हो गए और वह पीछे की तरफ चलने लगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि सूझबूझ दिखाते हुए बस को न रोका जाता तो वह पुलिसकर्मियों सहित गहरी खाई में गिर सकती थी। मौके पर मौजूद देहरादून नगर पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने बताया कि बस के अचानक ब्रेक फेल हो गए थे, जिसे तुरंत ही ईंटें लगाकर रोक दिया गया। संवाद