नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि मानवजनित आपदा है। उन्होंने कहा कि नालों में मलबा डाले जाने से बारिश के दौरान पूरा मलबा बहकर लोगों के घरों में जा रहा है। इससे छह परिवार बाल-बाल बच गए और एक मकान को भारी क्षति हुई है। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के अस्थायी ठहरने की व्यवस्था की गई है।
पीड़ित परिवारों को मिलेगी आपदा राहत राशि
एसडीएम राहुल आनंद ने बताया कि जेपी बैंड के निकट लगातार बारिश के कारण मलबा और पानी कुछ लोगों के घरों में घुस गया, जिससे मकानों को नुकसान पहुंचा है। सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मलबा एक भवन में घुसा है, जिसमें करीब दो परिवार निवास करते हैं। सुरक्षा की दृष्टि से प्रभावित परिवारों के रहने की व्यवस्था धर्मशाला में की गई है। उन्होंने कहा कि नुकसान का आकलन कर आपदा राहत राशि के लिए रिपोर्ट तैयार की जा रही है, ताकि पीड़ितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होने कहा कि बरसात में प्रशासन की टीम पूरी तरह से मुस्तैद और सतर्क है।