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मसूरी भूमि मामला, खुल रहीं अरबों के खेल की परतें

Sat, 16 Jan 2016 06:06 PM IST
डॉ. योगेश योगी/अमर उजाला, देहरादून
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मसूरी के क्यार कुली में अरबों रुपये की सरकारी भूमि पर कब्जे के पीछे की साजिश का पर्दाफाश होने लगा है। आईटीबीपी एकेडमी को जो जमीन अधिग्रहीत की गई थी, उसका खेवट नंबर तो था लेकिन अलग-अलग खसरा नंबर नहीं थे। इस जगह पर अभी तक  भूमि बंदोबस्त भी नहीं हो पाया है। इसी का फायदा भूमाफिया ने उठाया।
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आईटीबीपी एकेडमी की जमीन का खेवट नंबर 65 है। इसमें अलग-अलग खसरा नंबर का उल्लेख नहीं है। कई दशकों से यहां पर भूमि बंदोबस्त नहीं हो पाया है। विभागीय अफसरों के अनुसार इसकी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन बीच में कई पेच फंस रहे हैं। इसका फायदा जमीन बेचने वालों ने उठाया। उन्होंने खेवट नंबर 65 की जमीनों की रजिस्ट्री कर दी।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन प्रताप सिंह शाह के मुताबिक उसमें जमीन के अंश का उल्लेख तो है, लेकिन खसरा नंबरों का उल्लेख नहीं है। अंश के उल्लेख से यह तो पता चल जाता है कि किसके नाम कितनी जमीन की रजिस्ट्री हुई है लेकिन जिस जमीन की रजिस्ट्री हुई है, वह कहां पर है, इसका पता खसरा नंबर से ही चलता है। इसी की आड़ में पूरा खेल खेला गया।
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रजिस्ट्री होती रही, पर खरीदार का पता नहीं

खेवट नंबर 65 के नाम पर रजिस्ट्री होती रही लेकिन किसने जमीन कहां पर खरीदी यह किसी को पता नहीं था। रजिस्ट्री कराने के बाद जिसको जहां पर जमीन दिखा दी, उसने वहीं पर कब्जा कर लिया। फिर यह नहीं देखा गया कि यह सरकारी भूमि है या किसी की निजी संपत्ति।

क्या है खेवट, खसरा और बंदोबस्त
खेवट: यह असल जमींदार की जमीन का रिकार्ड होता है। जहां पर जमींदारी प्रथा का उन्मूलन नहीं हो पाया है, वहां पर आज भी जमींदारों के नाम बडे़-बड़े भूभाग खेवट के नाम पर हैं। जमींदार को खेवट दार भी कहा जाता है।

खसरा नंबर: यह एक तरह से जमीन की पहचान है। खसरा नंबर जमीन के टुकड़े की पहचान संख्या होती है। इससे पता चलता है कि किस खसरा नंबर में किसकी जमीन और मकान आदि है।

बंदोबस्त: भूमि के बंदोबस्त से अर्थ किसी क्षेत्र में जमीन मालिकों की सुविधा के अनुसार उनकी सहमति से बदलाव करने और उस क्षेत्र में हुए बदलाव को भू अभिलेखों में शामिल करने से है। पुराने रिकार्ड में कहीं पर कृषि भूमि है लेकिन अब वहां पर भवन बन चुके हैं। कहीं पर नदी थी, वहां पर अब मार्ग है। बंदोबस्त में इन सब को शामिल करते हुए नया रिकार्ड बनाया जाता है।
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