घुमाने बहाने मसूरी ले जाकर पत्नी की हत्या करने के आरोपी पति को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला जज चतुर्थ शंकर राज की अदालत ने दोषी पर अलग अलग धाराओं में 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने बताया कि सचिन मिश्रा पुत्र सुधीर मिश्रा निवासी विसौली मोहल्ला ठकुरान विसौली जिला बदायूं, उत्तर प्रदेश पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप था। सचिन की शादी वर्ष 2009 में कमलेश उर्फ कनक पुत्री उमेश चंद शर्मा से हुई थी।
घटनाक्रम के अनुसार सचिन का परिवार उसकी शादी में आए दान दहेज से नाखुश था। इसी बात पर घर में अनबन रहती थी। आठ अक्तूबर 2011 को सचिन अपने परिवार वालों से पूछकर कमलेश को यमुनोत्री-गंगोत्री की यात्रा पर ले गया था। इसके बाद 13 अक्तूबर 2011 को उसने ऋषिकेश पुलिस को सूचना दी कि रामझूला पुल के पास उसकी पत्नी नहाते हुए डूब गई। इस पर पुलिस ने जांच की तो पता चला कि यहां कोई महिला नहीं डूबी। इस बात की पुष्टि सीसीटीवी फुटेज में भी हुई।
पुलिस ने सचिन से सख्ती से पूछताछ की तो उसने सारा राज उगल दिया। उसने पुलिस को बताया कि वह कमलेश को साजिशन घुमाने लाया था। मसूरी में गनहिल के पीछे उसने झाड़ियों के पास कमलेश के सिर पर पत्थर से वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंककर ऋषिकेश आ गया। कमलेश के पिता उमेश चंद शर्मा ने मसूरी थाने में सचिन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तय समय में सचिन के खिलाफ आईपीसी 302 (हत्या) और आईपीसी 201 (साक्ष्य मिटाने) के आरोप में चार्जशीट दाखिल की।
अभियोजन की ओर से अदालत में कुल 12 गवाह पेश हुए। इसके आधार पर मंगलवार को अदालत ने सचिन को हत्या के दोष में आजीवन कारावास व एक लाख रुपये जुर्माना और साक्ष्य मिटाने के दोष में सात वर्ष कठोर कारावास व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कुल 1.50 लाख के जुर्माने में से 1.25 लाख रुपये कमलेश के पिता उमेश चंद शर्मा को दिए जाने के आदेश दिए हैं।