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उत्तराखंड के लिए कुर्बान होने वाले याद किए

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मसूरी गोलीकांड की 25वीं बरसी पर सर्वधर्म सभा का आयोजन।
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मसूरी। मसूरी गोलीकांड की 25वीं बरसी पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने शहीद आंदोलनकारियों को श्रद्धांजलि दी।
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सोमवार को मसूरी के शहीद स्थल पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन कर राज्य निर्माण में शहीद आंदोलनकारियों के त्याग और बलिदान को याद किया। इसके अलावा संस्कृति विभाग की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। जिसमें लोक गायक जितेंद्र पंवार ने शहीदों पर आधारित गीत प्रस्तुत कर लोगों की आंखें नम कर दी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अजय भट्ट, मसूरी विधायक गणेश जोशी, उत्तराखंड क्रांति दल के नेता काशी सिंह ऐरी, धनोल्टी विधायक प्रीतम पंवार, पालिकाध्यक्ष अनुज गुप्ता, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, मनमोहन सिंह मल्ल, ओपी उनियाल, मोहन पेटवाल, सतीश ढौडियाल, मीरा सकलानी आदि ने शहीद स्थल पहुंच शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान सभी ने गोलीकांड के उन छह शहीदों को भी याद किया, जिन्होंने उत्तराखंड को एक अलग राज्य बनाने के लिए अपने जीवन को न्यौछावर कर दिया था। दो सितंबर 1994 को आंदोलनकारी हंसा धनई, बेलमती चौहान, बलबीर नेगी, राय सिंह बंगारी, मदन सिंह ममगाईं और धनपत सिंह ने अलग उत्तराखंड राज्य के लिए अपनी जान दी थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अजय भट्ट और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने कहा कि शहीदों की शहादत को कोई भी प्रदेशवासी भुला नहीं सकता। धनोल्टी विधायक प्रीतम पंवार ने कहा कि राज्य के निर्माण के लिए सभी प्रदेशवासियों ने सहयोग दिया है। उनके सपनों के प्रदेश को बनाने के लिए सरकार भी काम कर रही है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का विरोध
शहीद स्थल पर भारतीय जन नाट्य संघ के कार्यकर्ताओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का विरोध किया। संघ के सचिव सतीश कुमार ने कहा कि आज का दिन नाच-गाने का नहीं है बल्कि उन शहीदों को याद करने का है जिनकी शहादत के कारण उत्तराखंड बना। उन्होंने कहा कि शहीदों के सपनों की उम्मीदों का उत्तराखंड अब तक भी नहीं बन पाया है। इसके लिए एक और लड़ाई की जरूरत है।
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विधायक और आंदोलनकारियों के बीच नोकझोंक
कार्यक्रम के दौरान मसूरी विधायक गणेश जोशी और आंदोलनकारियों के बीच शहीद स्थल के निर्माण को लेकर नोकझोंक हुई। आंदोलनकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से दो साल पहले शहीद स्थल के विस्तार के साथ टीन शेड डालने की घोषणा पूरी नहीं हो पाई है। जिस पर विधायक भड़क गए। उन्होंने कहा, मसूरी के कुछ लोगों और शहीद स्थल समिति द्वारा शहीद स्थल के विस्तारीकरण को लेकर सहमति नहीं बन पाई। जिस कारण शहीद स्थल का काम नहीं हो पाय है।
आंदोलनकारियों का दर्द
उत्तराखंड निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले आंदोलनकारी अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं। आंदोलनकारी प्रदीप कुकरेती, विजय रमोला, जय प्रकाश उत्तराखंडी, लेखक गणेश शैली, पूरण जुयाल ने कहा गोलीकांड को भूल नहीं पाए हैं। शहीद हंसा धनाई के पति भगवान सिंह धनाई और राय सिंह बंगारी के पुत्र रवि बंगारी ने कहा कि अब राज्य सिर्फ नेताओं की ऐशगाह बन गया है। 16 साल में नौ मुख्यमंत्री बने हैं। लेकिन पहाड़ के विकास के लिए कोई गंभीर नहीं है। पलायन बदस्तूर जारी है।
सीएम के न पहुंचने पर नाराजगी
गोलीकांड की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री के न पहुंचने पर आंदोलनकारियों और स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई। कहा, इससे जाहिर होता है कि सरकार शहीदों और आंदोलनकारियों के प्रति कितनी गंभीर है। हालांकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद अजय भट्ट ने स्पष्ट किया कि शहीदों को प्रदेशभर में श्रद्धांजलि देने के लिए सभी के अलग-अलग कार्यक्रम लगे हुए हैं। मसूरी के लिए खुद उनका (अजय भट्ट) कार्यक्रम लगा।
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