इससे पूर्व बतौर कार्यक्रम अध्यक्ष मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को सिर्फ पढ़ा और सुना है। मानव संसाधन मंत्री रहते हुए मुरली मनोहर जोशी ने जो कार्य शिक्षा के क्षेत्र में किए वे मील का पत्थर हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के स्वच्छ धवल जीवन दर्शन को हम खुद में उतारने का प्रयास कर रहे हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध संस्थान के अध्यक्ष व वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने कहा कि पंडित जी के दर्शन को जन जन तक पहुंचाने में जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर कार्य किया है उनमें जोशी जी का स्थान अहम है।
विक्रमादित्य की कुर्सी पर बैठकर अपनों पर गाज गिराना भी लाजिमी
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस नीति पर सरकार की सराहना करते नजर आए। ये बात और है कि उन्हीं के उठाए मुद्दे पर सरकार अब तक कान नहीं दे पाई है। शायद इसी के मद्देनजर वे इशारों इशारों में मुख्यमंत्री को नाजुक संकेत भी दे गए। उन्होंने पहले तो भ्रष्टाचार के आरोपी ब्यूरोक्रेट और अन्य को जेल जाने का ब्योरा दिया।
इसके बाद सरकार को पारदर्शिता के साथ भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को ललकारते भी नजर आए। मुख्यमंत्री की ओर नजर दौड़ाते हुए कहा कि ‘ये विक्रमादित्य की कुर्सी है। यहां बैठ कर पारदर्शिता और न्याय के लिए क्रूरता पूर्वक निर्णय लिए जाते हैं। इस मुहिम में कई बार अपनों पर भी गाज गिर जाती है तो पीछे नहीं हटना चाहिए।’ इस बात पर मुख्यमंत्री हंस पड़े और अर्थपूर्ण निगाहों से प्रदेश अध्यक्ष को क्षणिक देखते रह गए।