दल में 19 ट्रैकर और 5 पोर्टर/कुक शामिल हैं। ट्रैकिंग दल की 22 सितंबर को अपने ड्राइवर से बात हुई थी, जिसमें उन्होंने 27 सितंबर को उससे गौरीकुंड पहुंचने को कहा था, लेकिन इसके बाद से उनका ट्रैकिंग दल से संपर्क टूट गया है।
इस दल को आज केदारनाथ पहुंचना था, लेकिन दल का अभी तक कहीं भी कोई पता नहीं चल पा रहा है। एसपी ने बताया कि आईआईटी से आई फोन कॉल के आधार पर ट्रैकिंग दल की सही स्थिति को जानने के लिए एक टीम को केदारनाथ से वासुकीताल के लिए रवाना कर दिया है।
बुधवार को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पुलिस का संयुक्त रेस्क्यू दल भी रवाना होगा। अगर, दल की लोकेशन पता लग जाती है, तो हेलीकॉप्टर से भी इन्हें केदारनाथ लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गंगी-मासर ताल-मयाली टॉप-वासुकीताल-केदारनाथ-गौरीकुंड ट्रैक है। यह ट्रैक मयाली टॉप के समीप काफी दुर्गम है। बर्फ होने से ट्रैकिंग दल के फंसने की संभावना हो सकती है।