पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मुनस्यारी और बंगापानी के बाद धारचूला तहसील के आपदाग्रस्त ग्वाल गांव, सिनियाखोला, गलाती, कालिका, खुमती और फुलबस्ती के आपदा पीड़ितों का हाल जाना। उन्होेंने कहा वे हमेशा आपदा पीड़ितों के साथ हैं और उनके हित के लिए सदैव संघर्ष करेंगे।
धारचूला दौरे के समय सभी आपदा पीड़ितों से मुलाकात की और उन्होंने मुख्य सचिव को फोन पर लोगों की समस्याएं बताईं। उन्होंने 2013 के मानकों के आधार पर मुआवजा देने की सरकार से मांग की। इस दौरान आन सिंह रोकाया, डूंगर दानू, नंदा बिष्ट, प्रद्युम्न गर्ब्याल, रामू रोकाया और अनिल बिष्ट आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इसके बाद अस्कोट में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। हिनकोट के प्रधान बहादुर बिष्ट, देवल की प्रधान आशा पाल, राज्य आंदोलनकारी वीरजंग पाल, राज्य आंदोलनकारी गोविंद रावत कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। कनालीछीना पहुंचने पर पूर्व सीएम हरीश रावत कनालीछीना में कार्यकर्ताओं से मिले।
इस दौरान उन्होंने संगठन को मजबूत करने की अपील की। बैठक में पूर्व प्रमुख प्रशांत भंडारी, भूपेंद्र सत्याल, निशांत भंडारी, कमलदीप, हरीश भंडारी, कमलेश भंडारी, दिनेश, जीतू भंडारी मौजूद रहे।