पहाड़ों की रानी मसूरी में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जनजीवन पर संकट गहराता जा रहा है। बारिश के कारण जहां शहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़कें क्षतिग्रस्त हो रही हैं, वहीं शुक्रवार को कैंपटी रोड इंदिरा कॉलोनी के ठीक नीचे एक बहुमंजिला भवन अचानक भरभराकर धराशायी हो गया। गनीमत रही कि भवन में रह रहे पांच लोग समय रहते बाहर निकल गए। हादसे में भवन के अंदर रखा घरेलू सामान मलबे में दब गया।
शुक्रवार को इंदिरा कॉलोनी के ठीक नीचे कैंपटी रोड में भारी बारिश के चलते भवन में पहले से ही दरारें पड़नी शुरू हो गई थीं। प्रभावित पूनम पंवार ने बताया कि बारिश के कारण गुरुवार को मकान में दरारें दिखाई दी थीं। उन्हें उम्मीद थी कि दरारों को सीमेंट से भरकर भवन को सुरक्षित किया जा सकेगा, लेकिन शुक्रवार को भवन अचानक गिर गया।
उन्होंने बताया कि भवन गिरने से कुछ समय पहले अंदर से तेज आवाजें आने लगी थीं। आवाज सुनकर उन्हें अनहोनी का अंदेशा हो गया और उन्होंने तत्काल अपने पति, दो बच्चों तथा बहन के साथ भवन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। उनके बाहर निकलते ही भवन भरभराकर नीचे आ गिरा।
पूनम पंवार ने बताया कि भवन में चार कमरे थे और छत पर रेस्टोरेंट संचालित किया जा रहा था। भवन गिरने के कारण घर का पूरा सामान मलबे में दबकर बर्बाद हो गया। उन्होंने बताया कि भवन के निर्माण के लिए परिवार ने कर्ज लिया था और लोगों से उधार पैसे भी लिए थे, लेकिन अब भवन पूरी तरह जमींदोज होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय निवासी राजेश सजवाण ने बताया कि भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने कहा कि घटना के संबंध में उच्चाधिकारियों से भी बातचीत की गई है और प्रभावित परिवार को तत्काल उचित राहत उपलब्ध कराने की मांग की गई है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया।
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पटवारी के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया गया है। तीन मंजिला भवन में तीन परिवार निवास कर रहे थे। भवन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। निर्धारित मानकों के अनुसार प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। - उपेंद्र राणा, नायब तहसीलदार
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शहर में कई हैं पुराने और जर्जर भवन
शहर में लगातार बारिश के बीच भवन के धराशायी होने की घटना ने मसूरी क्षेत्रों में पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि बारिश के दौरान संवेदनशील भवनों का सर्वे कराया जाए तथा खतरे की स्थिति वाले भवनों में रह रहे परिवारों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। शहर के लंढौर क्षेत्र में अंग्रेजों के जमाने के कई भवन जीर्ण-शीर्ण स्थिति में है, ऐसे में लोगों की चिंताएं भी बढ़ गई है।