कैंट क्लेमेंटटाउन बोर्ड बैठक में उपस्थित बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर सुभाष तनवर सीईओ व सभासद ।
कैंट बोर्ड गढ़ी की तरह ही क्लेमेंटटाउन कैंट भी बजट की मार से जूझ रहा है। विगत दो साल से यहां भी कोई बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है। जिससे विकास कार्य पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। मंगलवार को हुए बोर्ड बैठक में सभासदों ने इस मामले में हंगामा भी किया। इस दौरान 61 भवन मानचित्रों को स्वीकृति भी दी गई।
ब्रिगेडियर सुभाष पनवर की अध्यक्षता में सोमवार को कैंट बोर्ड क्लेमेंटटाउन की बैठक आयोजित की गई। बैठक शुरू होते ही निर्वाचित सभासदों ने दो साल से विकास कार्य ठप पड़े होने पर हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि पेयजल योजना के अलावा दो साल के अंदर कोई भी विकास कार्य नहीं हुआ है। जिससे लोगों में कैंट बोर्ड के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोग पूछते हैं कि उनके यहां विकास कार्य कब होंगे? इस पर सीईओ अभिषेक राठौर ने कहा कि दो साल से कैंट बोर्ड को विकास कार्यों के लिए रक्षा मंत्रालय से किसी भी प्रकार का बजट आवंटित नहीं हुआ है। इसलिए बोर्ड की स्वीकृति के बाद भी विकास के कार्य शुरू नही हो पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि क्लेमेंटटाउन कैंट ही नहीं बल्कि गढ़ी और मध्य कमांड लखनऊ के अंतर्गत आने वाले सभी 24 कैंटों में यही हालत है।
सभासदों ने कैंट क्षेत्र में स्ट्रीट लाइटों की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। जिस पर अध्यक्ष ने सीईओ को प्रत्येक वार्ड में 20-20 लाइटें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीईओ ने 61 भवन मानचित्रों को स्वीकृति के लिए बैठक में रखा। जिन्हें बोर्ड ने स्वीकृति दे दी। 35 भवनों के नाम परिवर्तन को भी बैठक में हरी झंडी दी गई।
बैठक में कर्नल एमके एस मौली, कर्नल महेंद्र बिष्ट, कर्नल अजय सिंह, कर्नल नवीन मिश्रा, उपाध्यक्ष सुनील कुमार, सभासद भूपेंद्र सिंह कंडारी, मो. तासीन अली, रामकिशन यादव, बीना नौटियाल, शाहीना अख्तर, इंजीनियर एके सिंह, बृजेश कुमार गुप्ता आदि उपस्थित थे।