उत्तराखंड कैडर में ज्वाइनिंग से बचने के सारे जतन समाप्त होने के बाद आखिरकार यूपी से 12 पीसीएस अफसरों को कार्यमुक्त कर दिया गया है।
इस बाबत शासनादेश जारी कर दिया गया है। खबर यह भी है कि सभी अफसरों को यहां आते ही विभिन्न पदों पर तैनात किया जाएगा। सचिवालय में पूरे दिन इस मुद्दे पर ही चर्चा होती रही।
नवंबर 2000 में उत्तराखंड राज्य का गठन होने पर उप्र पुनर्गठन अधिनियम के तहत तमाम अफसरों को उत्तराखंड कैडर आवंटित किया गया था। इसमें करीब 20 पीसीएस अफसरों ने आदेश के विरोध में हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।
हाईकोर्ट ने 11 दिसंबर 2003 में उनकी याचिका रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में अफसरों के इस गुट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर दी। करीब 12 साल तक कानूनी पेचीदिगियों का सहारा लेकर सभी अफसर उत्तर प्रदेश में बदस्तूर नौकरी करते रहे।
मगर आखिरकार उनकी ये तमाम कोशिशें बेकार हो गईं। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बीते दिनों आदेश दिया कि सुप्रीम कोर्ट से स्टे पाने वाले अधिकारियों को छोड़कर सभी अफसरों को उत्तराखंड कैडर में ज्वाइन करने के लिए कार्यमुक्त किया जाए।
बुधवार को यूपी के प्रमुख सचिव किशन सिंह अटोरिया ने 12 पीसीएस अफसरों का कार्यमुक्ति का आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश की प्रति उत्तराखंड के मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों को भी भेजी गई है। आदेश मिलते ही इन अधिकारियों की ज्वाइनिंग की तैयारी शुरू हो गई है।