सोशल मीडिया पर विरोधी यह कहकर आलोचना कर रहे हैं कि वे रोहिंग्या मुसलमान हैं। भट्ट ने स्पष्ट किया कि ऊधमसिंह नगर में बंगाली समुदाय के लोगों की आबादी करीब दो लाख है। ये लोग पाकिस्तान बंग्लादेश के बटवारे के समय भारत में शरणार्थी के तौर पर रहे थे।
ये सभी सनातन धर्मी और देवी के उपासक हैं। कहा कि वे जिन लोगों के आरक्षण की वकालत कर रहे हैं, उनकी संख्या भी 10 से 15 हजार के आसपास हैं। उन्हें आरक्षण देने के लिए उत्तराखंड विधानसभा से दो बार संकल्प पारित हो चुका है। उनकी इस मांग से आरक्षित श्रेणी के आरक्षण को कोई फर्क नहीं पड़ेगा।