उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय से संबद्ध निजी कॉलेजों के छात्रों के अनशन में मंगलवार को एक छात्रा की तबीयत बिगड़ गई थी। आनन-फानन में उसे दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, पांच दिन से चल रहे आंदोलन में सरकार का कोई प्रतिनिधि न पहुंचने पर छात्रों में रोष व्याप्त है।
दूसरे दिन से क्रमिक अनशन शुरू कर दिया था। तीन दिन तक अनशन चलता रहा, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम छात्रों का हाल जानने नहीं पहुंची। मंगलवार को भी क्रमिक अनशन चल रहा था। दोपहर में अचानक अनशनकारी छात्रा प्रगति जोशी की हालत बिगड़ गई। आनन-फानन में उसे एंबुलेंस से दून अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उनका भविष्य दांव पर लगा हुआ है लेकिन पांच दिन के आंदोलन में भी सरकार का कोई प्रतिनिधि उनकी बात सुनने नहीं पहुंचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सरकार ने कोई कदम न उठाया तो वह उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।