एसआईटी जांच के बाद मंगलवार को ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर और जसपुर थाने में तीन और प्राइवेट संस्थानों के खिलाफ फर्जी दस्तावेजों से छात्रवृत्ति हड़पने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
हाईकोर्ट के आदेश पर आईजी संजय गुंज्याल की अगुवाई में एसआईटी 11 जिलों में छात्रवृत्ति घोटाले की जांच में जुटी है। एसआईटी अब तक ऊधमसिंह सिंह नगर, नैनीताल और टिहरी में पांच मुकदमे दर्ज करा चुकी है।
एसआईटी ने महुआडाबरा निवासी सिंटू चौहान पर छात्र-छात्राओं के शैक्षिक प्रमाण पत्र लेकर उनके नाम से फर्जी प्रवेश दिलाना एवं छात्रवृत्ति हड़पने के मामले में नामजद मुकदमा किया है। आईजी गुंज्याल के मुताबिक मुकदमों में आरोपी बनाए गए लोगों की गिरफ्तारी को लेकर कार्रवाई चल रही है। इसके अलावा बाजपुर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में यश कालेज ऑफ एजूकेशन रुड़की (रोहतक) हरियाणा के प्रबंधक, अधिकारी, कर्मचारी और संबंधित बैंक अधिकारियों को आरोपी बनाया गया है।
बाजपुर में इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज
कोतवाल एनबी भट्ट ने बताया कि मंगलवार देर शाम सितारगंज कोतवाली में तैनात एसएसआई बची सिंह बिष्ट की तहरीर पर रोहतक (हरियाणा) के रुड़की स्थित यश कॉलेज ऑफ एजुकेशन वीपीओ के प्रबंधक, अधिकारी, कर्मचारी, संबंधित बैंक और छात्रों को गुमराह करने और विद्यार्थियों के फर्जी दस्तावेज लगाकर दाखिला दिलाने वाले गुड्डू इरशाद निवासी बरखेड़ा पांडे काशीपुर, धर्मेंद्र सैनी निवासी आर्यनगर सुल्तानपुर पट्टी, धर्मेंद्र निवासी मोहल्ला शिवनगर सुल्तानपुर पट्टी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
सुल्तानपुर पट्टी निवासी हुसैन जहां, पवन कुमार, अरविंद कुमार, कमल किशोर, वीरेंद्र कुमार और गिरीश राम के दस्तावेज लगाकर उनके नाम छात्रवृत्ति हड़पी गई है।
बाजपुर में करीब 236 विद्यार्थियों को एसआईटी कर चुकी चिह्नित
बाजपुर क्षेत्र में करीब 236 विद्यार्थियों को एसआईटी चिह्नित कर चुकी है। इनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं। कई विद्यार्थी बयान देने से कतरा रहे हैं। आरोप है कि हरियाणा, यूपी सहित अन्य स्थानों के संस्थानों में वर्ष 2011 से 2016 के बीच कई विषयों में अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों के दाखिले दर्शाकर छात्रवृत्ति हड़पी गई।
कई विद्यार्थियों के बैंक खातों के बजाय सीधे संस्थानों के बैंक खातों में धनराशि डाली गई। आरोप है कि दलालों ने कम पढ़े-लिखे और सामान्य जाति के विद्यार्थियों को एससी/एसटी जाति में दर्शाकर छात्रवृत्ति की राशि हड़प ली। एसआईटी एक पखवाड़े से क्षेत्र में लगातार जांच कर रही है।
बिचौलियों ने हड़प ली छात्रवृत्ति
एसआईटी प्रभारी भीम भास्कर आर्य और उनके सहयोगी श्यामलाल विश्वकर्मा ने पिछले दिनों कई मोहल्ले एवं ग्राम महुवाडाबरा एवं मंडुआखेड़ा के छात्र छात्राओं के बयान दर्ज किए थे। मंगलवार को एसआईटी के एसआई श्याम लाल विश्वकर्मा ने बताया कि छात्र छात्राओं ने अपने बयान में बताया कि बिचौलियों ने उनके दस्तावेज जमा करवाए और खुद ही दाखिला लेकर छात्रवृत्ति के आवेदन फार्म भरे और रकम हड़पी थी।
बताया कि बिचौलियों ने छात्रवृत्ति मिलने से पहले ही अपने नाम से चेक भरवाकर ले लिए थे। छात्रवृत्ति आने के बाद उन्होंने रकम निकाल ली। छात्र-छात्राओं ने उन्हें बताया कि उन्हें कोई डिग्री नहीं मिली है। एसआईटी के एसआई ने बताया कि छात्रवृत्ति हड़पने के मामले में तत्कालीन (2011 से 2015) जिला समाज कल्याण अधिकारी समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।