भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक सत्या कुमार ने बताया कि संस्थान की टीम यहां वर्ष 2016 से प्रत्येक वर्ष लगातार ट्रैप कैमरा लगाती है। बताया कि इस साल दिसंबर में संस्थान की टीम ने नेलांग घाटी में कैंप लगाया था।
उत्तरकाशी के नेलांग घाटी में हिम तेंदुओं की चहलकदमी भी अब कैमरे में कैद होगी। भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) की रिसर्च टीम ने नेलांग घाटी में करीब 65 ट्रैप कैमरे लगाए हैं। यहां पहली बार टीम की एक रिसर्च स्कॉलर ने भी हिम तेंदुए को अपने कैमरे में कैद किया।
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भारतीय वन्यजीव संस्थान के वैज्ञानिक सत्या कुमार ने बताया कि संस्थान की टीम यहां वर्ष 2016 से प्रत्येक वर्ष लगातार ट्रैप कैमरा लगाती है। बताया कि इस साल दिसंबर में संस्थान की टीम ने नेलांग घाटी में कैंप लगाया था।
इस दौरान यहां नेलांग और जादूंग क्षेत्र में आईटीबीपी और आर्मी के जवानों की मदद से करीब 65 कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। टीम की सदस्य डॉ. रंजना पाल ने हिम तेंदुए की गतिविधि को अपने कैमरे में कैद किया। वैज्ञानिक सत्या कुमार ने बताया कि अप्रैल में इन ट्रैप कैमरों को निकाला जाएगा।
पार्क प्रशासन ने भी लगाए हैं 40 कैमरे
गंगोत्री पार्क प्रशासन ने भी शीतकाल के लिए पार्क के गेट बंद होने से पहले यहां 40 कैमरा ट्रैप लगाए हैं। पार्क के उपनिदेशक रंगनाथ पांडेय ने बताया कि केदारताल, गोमुख ट्रैक, नेलांग घाटी के कारछा, चोरगाड, तिरपानी व नीलापानी तथा भैरोंघाटी, गर्तांग गली आदि में लगाए गए इन कैमरों से भी शीतकाल में वन्यजीवों की गतिविधि के बारे में जानकारी मिलेगी।