उसकी चपेट में आकर तीन सदस्य करीब 150 मीटर नीचे खाई में गिर गए। कमर में रस्सियां बंधी होने से उनकी जान बच गई। वहां के खराब हालात देख दल को वापस लौटना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगले साल जून में फिर से नए जोश के साथ पंचाचूली फतह करने की कोशिश करेंगे।
टीम लीडर योगेश ने बताया कि दारमा घाटी में नवंबर के दूसरे हफ्ते से बर्फ पड़ती है लेकिन मौसम में अचानक परिवर्तन होने से अक्तूबर के तीसरे हफ्ते में बर्फ पड़ना हैरानी भरा है। बर्फीला तूफान आने से पंचाचूली की चोटियों में करीब 4 फुट तक बर्फ पड़ी है। दल के वापस आने पर दुग्तू और बालिग गांव के लोगों ने उनका स्वागत किया। पांच चोटियों वाली पंचाचूली की चोटियां क्रमश: 6355, 6904, 6312, 6334 और 6437 मीटर ऊंची हैं।