केदारनाथ और सोनप्रयाग के बीच डेंजर जोन को हरियाली क्षेत्रों में बदलने का कार्य शुरू हो गया है। यहां पहाड़ों को लोहे की जाली से बांधा जा रहा है।
इससे पत्थर और मलबा पहाड़ों से सरक कर न तो रास्तों को बंद कर पाएगा और न ही जानमाल का नुकसान होगा। इसके साथ ही यहां सोन नदी पर पहली बार पोर्टेबल एक्रो ब्रिज का इस्तेमाल किया जा रहा है। साढ़े आठ करोड़ कीमत का यह पुल अमेरिका से मंगाया गया है।
सोन प्रयाग भूस्खलन जोन में पहाड़ों को उन्नत तकनीक के तहत तारों की जालियों से बांधने का कार्य शुरू हो गया है। जाली बिछने के बाद यहां लोहे के मोटे तारों को बांधा जाएगा। इससे मिट्टी धसेगी भी तो आगे नहीं खिसक पाएगी।