हिमालय की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई अधिकतम दो सौ मीटर तक और बढ़ सकती है। इसके बाद एवरेस्ट की ऊंचाई कम होने लगेगी।
साथ ही एवरेस्ट के आसपास की दूसरी चोटियां जो अभी छोटी हैं, आने वाले 50 लाख सालों में वे एक से दो हजार फिट तक और ऊंची हो सकती हैं। यह कहना है हिमालय पर शोध कर रहे जर्मनी और अमेरिकी विज्ञानियों का। उनका कहना है कि पहाड़ के ऊंचा होने से मिट्टी का कटान और भूस्खलन बढ़ जाएगा।
हिमालय क्षेत्र में 20 साल से शोध कर रहे अमेरिका के साइमन क्लेमपर, डेविड बी राउले और जर्मनी के रैसमस सी थीडे का कहना है कि माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई इस वक्त 8,848 मीटर है, यह अधिकतम 9 हजार मीटर तक जा सकती है। जैसे ही चोटी ऊंची होगी मिट्टी का कटान बढ़ेगा, भूस्खलन और ग्लेशियरों का टूटना तेज हो जाएगा।
इससे चोटी की ऊंचाई कम होने लगेगी। चोटी की ऊंचाई बढ़ने के साथ तलहटी में दबाव बढ़ेगा जिससे भूगर्भ प्लेटों की चाल बदलेगी।