लाभार्थी को मिलती है तीन के भीतर ऋण जमा करने छूट
इस तरह से योजना के शुरू होने से अब तक कुल 119 लाभार्थियों को 167.33 लाख रुपये का ऋण उपलब्ध कराया जा चुका है। योजना के तहत क्रय मूल्य के अधिकतम 75 प्रतिशत अथवा 1.25 लाख रुपये जो भी कम हो स्वीकृत किया जाता है। इस योजना में प्रथम दो वर्ष तक ब्याज की प्रतिपूर्ति संबंधित बैंकों के निबंधक के माध्यम से राज्य सरकार को की जाती है। जबकि लाभार्थी को तीन के भीतर ऋण जमा करने छूट मिलती है।
कौन उठा सकता है योजना का लाभ
- आवेदक उत्तराखंड का स्थायी निवासी होना चाहिए, जिसकी आयु 18 से 55 वर्ष हो।
- आवेदक के पास परिवहन विभाग की ओर से जारी मोटरसाइकिल टैक्सी लाइसेंस होना चाहिए।
- आवेदक किसी वित्तीय संस्था अथवा सहकारी संस्था का बकायेदार न हो।
रेंटल बाइक संचालकों को योजना की जानकारी ही नहीं
आईएसबीटी स्थित घुमक्कड़ बाइक रेंटल के संचालक तरुण मामनानी ने बताया कि सरकार की कोई ऐसी योजना है, इसके बारे में पता नहीं है। आरटीओ ऑफिस में भी हमेशा आना जाना लगता है। वहां से भी ऐसी योजना के बारे में कभी किसी ने नहीं बताई। योजना के बारे में पता होता तो निश्चित तौर पर इसका लाभ उठाते।
ये भी पढ़ें...Uttarakhand: त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों की खैर नहीं, यहां दर्ज कर सकते हैं शिकायत
गांधी रोड स्थित मनोज आहूजा ने बताया कि वे रेंटल बाइक दुकान का संचालन करते हैं। मुख्यमंत्री बाइक रेंटल योजना के बारे में आज पहली बार ही सुनने को मिल रहा है। सरकार इसका प्रचार प्रसार किया होता तो ज्यादा से ज्यादा युवाओं को इसका लाभ मिला होता। योजना का पता नहीं होने की वजह से हमने खुद लोन लेकर ये कारोबार शुरू किया है।
सहकारिता विभाग के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री मोटरसाइकिल टैक्सी योजना के तहत 20 हजार से अधिक लोगों को योजना का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है लेकिन बीते दो वर्षों कोरोना के चलते एक तरह से योजना ठप ही रही। हालांकि विभाग के स्तर से लगातार इसके लिए प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।
- नीरज बेलवाल, प्रबंध निदेशक, राज्य सहकारी बैंक