दुर्गम इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों के लिए प्रतिदिन दो सौ रुपए अतिरिक्त भत्ता और फील्ड पोस्टिंग वाले पुलिसकर्मियों का मोटरसाइकिल भत्ता छह सौ रुपए कर दिया गया है। अरसे से चली आ रही मांगों पर शुक्रवार को सचिवालय में गृह विभाग और पुलिस के आला अफसरों की बैठक में इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी सहमति बन गई है।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को सचिवालय में पुलिस विभाग से जुड़े मुद्दों पर बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में कानून एवं यातायात व्यवस्था को सुचारू एवं व्यवस्थित करने के लिए पुलिस विभाग को अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में ट्रैफिक निदेशालय की स्थापना की प्रक्रिया प्रारम्भ की जाए। लंबे अरसे से पुलिस विभाग द्वारा फील्ड पोस्टिंग पर तैनात पुलिसकर्मियों का मोटरसाइकिल भत्ता बढ़ाने और दुर्गम इलाके में तैनात पुलिसकर्मियों को अतिरिक्त भत्ता देने की मांग की जा रही थी।
इस पर मुख्यमंत्री ने मोटरसाइकिल भत्ता 350 से बढ़ाकर 600 रुपए करने और दुर्गम इलाकों में तैनात पुलिसकर्मियों को प्रतिदिन 200 रुपया भत्ते दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की।
पुलिस आधुनिकीकरण के लिए स्वीकृति
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इसके साथ ही पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज नरेन्द्रनगर को दो करोड़ की धनराशि दिए जाने तथा पुलिस आधुनिकीकरण के लिए 2.40 करोड़ की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को सभी आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मुख्यमंत्री ने पुलिस कार्मिकों की ड्यूटी के दौरान मृत्यु की दशा में उनके आश्रितों को शैक्षिक योग्यता के अनुसार सेवानियोजित किए जाने की कार्रवाई पर बल दिया। अल्मोड़ा के माशी, खेड़ा, मोहनखाल में स्थापित की जाने वाली पुलिस चौकियों के लिए आवश्यक पदों के सृजन की कार्रवाई के भी निर्देश दिए।
बैठक में गृह मंत्री प्रीतम सिंह, मुख्य सचिव एस. रामास्वामी, डीजीपी एमए गणपति, एडीजी राम सिंह मीणा, प्रमुख सचिव गृह डॉ. उमाकांत पंवार, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव राजस्व डीएस गर्ब्याल, सचिव गृह विनोद शर्मा सहित पुलिस विभाग के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।