यदि ये वाहन चालक दूसरी बार नशे में वाहन चलाते हुए पकड़े गए तो ई-चालान मशीन में उनका रिकॉर्ड आ जाएगा। इस स्थिति में ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त हो जाएगा। ऐसे चालकाें का लाइसेंस नहीं बन पाएगा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने अधिकारियोें से नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि देर रात तक सड़कों पर नियमित चेकिंग की जरूरत है। इस कार्रवाई से निसंदेह रात में होने वाले हादसों पर अंकुश लगा है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से चालान के दौरान वाहन चालकों से किसी तरह की अभद्रता न करने के निर्देश दिए हैं।