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उत्तराखंड पंचायत चुनाव 2019:असमंजस के बीच पहले दिन 715 नामांकन

Fri, 20 Sep 2019 12:16 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • पंचायत चुनाव में टिहरी जिले में सर्वाधिक 175 दावेदारों ने भरा नामांकन फार्म
  • त्रिस्तरीय पंचायत के 65 हजार से ज्यादा पदों के लिए कराए जा रहे हैं नामांकन
  • 24 सितंबर तक चलेगी नामांकन प्रक्रिया, इसके बाद तीन दिन होगा जांच कार्य
  • बच्चों की शर्त पर निर्वाचन आयोग का ‘वेट एंड वॉच’, जांच तक स्थिति स्पष्ट हो जाने के प्रति आश्वस्त
  • हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में जिलों को भेजे संशोधित निर्देश
  • आयोग ने पंचायती राज विभाग से स्थिति साफ करने के लिए कहा
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मतदान (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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त्रिस्तरीय पंचायत के 65 हजार से ज्यादा पदों के लिए शुक्रवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई। हालांकि बच्चों की शर्त को लेकर असमंजस पूरा समय बना रहा, फिर भी शर्त को अपने अपने तरीके से परिभाषित करते हुए लोगों ने नामांकन कराए हैं। देर शाम तक राज्य निर्वाचन आयोग के मुख्यालय में जिलों से नामांकन कराने वालों की पूरी संख्या नहीं आ पाई थी। प्रारंभिक सूचना के मुताबिक, 12 जिलों में पहले दिन 715 दावेदारों ने नामांकन फार्म भरा है। नामांकन प्रक्रिया 24 सितंबर तक चलेगी, हालांकि 22 सितंबर को रविवार होने की वजह से नामांकन नहीं कराए जा सकेंगे।

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गढ़वाल मंडल के पांच पर्वतीय जिलों में पहले दिन कुल 483 नामांकन दाखिल किए गए। सर्वाधिक 175 नामांकन टिहरी जिले में हुए हैं। सबसे कम नामांकन रुद्रप्रयाग जनपद में दाखिल किए गए हैं, जिनकी संख्या 31 है। अन्य जिलों में चमोली में 159, पौड़ी में 85 और उत्तरकाशी जिले में 33 नामांकन दाखिल हुए हैं। उत्तरकाशी जिले में ग्राम पंचायत सदस्य के लिए एक भी नामांकन नहीं हुआ है। देहरादून जिले में 133 नामांकन फार्म भरे गए हैं। इसमें ग्राम प्रधान के लिए 43, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 53, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 30 और जिला पंचायत सदस्य के लिए तीन नामांकन कराए गए हैं।

हल्द्वानी से मिली जानकारी के अनुसार, कुमाऊं मंडल में पहले दिन जिला पंचायत सदस्य के लिए अलग-अलग जिलों में कुल 31 लोगों ने नामांकन कराए। ऊधमसिंह नगर के जिला मुख्यालय रुद्रपुर में जिला पंचायत सदस्य के लिए 13 दावेदारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। वहीं ग्राम प्रधान के लिए 29, ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 12 और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए 27 लोगों ने नामांकन पत्र दाखिल किए। उधर, पिथौरागढ़ में जिला पंचायत सदस्य के लिए छह उम्मीदवारों ने नामांकन कराया, जबकि नैनीताल जिले में पांच लोगों ने जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन कराए। वहीं चंपावत में तीन, अल्मोड़ा और बागेश्वर में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पहले दिन दो-दो नामांकन दाखिल हुए हैं। 

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नामांकन कराने का रास्ता फिलहाल सबके लिए खुला

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के दौरान बच्चों की शर्त पर असमंजस कायम है, लेकिन नामजदगी का पर्चा भरने का रास्ता फिलहाल सबके लिए खुला है। राज्य निर्वाचन आयोग इस बात से आश्वस्त है कि नामांकन भरने से लेकर जांच प्रक्रिया तक के लिए अभी पर्याप्त वक्त उसके पास है। यानी सारी स्थिति साफ होने के लिए वक्त की कोई कमी नहीं है। इन स्थितियों में उसने वेट एंड वॉच की नीति पर चलना मुनासिब समझा है। 

राज्य निर्वाचन आयोग ने यह जरूर किया है कि जिलों की सरकारी मशीनरी को हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में बच्चों की शर्त के संबंध में नए सिरे से निर्देश जारी कर दिए हैं। आयोग ने ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्यों के नामांकन में 25 जुलाई 2019 से पहले तीन बच्चों वालों को भी पात्र बताया है। क्षेत्र और जिला पंचायत को लेकर अलग से कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं। आयोग ने पंचायती राज विभाग को पत्र भेजकर स्थिति स्पष्ट करने के लिए भी कहा है।

इस बार का पंचायत चुनाव कई वजहों से अजीबोगरीब स्थिति से गुजर रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य के पदों पर बच्चों की शर्त को लेकर कोई संशय नहीं रह गया है। 25 जुलाई 2019 के बाद दो बच्चे वाले ही चुनाव लड़ पाएंगे, लेकिन इस तारीख से पहले दो बच्चों की शर्त नहीं रहेगी। इन स्थितियों के बीच, क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य के पदों के लिए क्या व्यवस्था रहेगी, यह अलग से रेखांकित नहीं है। इसके अब अलग अलग निहितार्थ निकाले जा रहे हैं। कुछ लोग इसकी व्याख्या त्रिस्तरीय पंचायत के सभी फार्मेट ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत में एक साथ लागू होने के रूप में कर रहे हैं, तो कइयों का कहना है कि इसके लिए अलग से व्यवस्था रेखांकित किए जाने की जरूरत है।

इन सबसे अलग राज्य निर्वाचन आयोग की स्थिति है। नामांकन प्रक्रिया अभी 24 सितंबर तक चलनी है। इसके बाद, 25 से 27 सितंबर तक नामांकन पत्रों की जांच का कार्य होना है। ऐसे में नामांकन पत्रों को स्वीकार या खारिज करने के लिहाज से निर्वाचन से जुड़ी मशीनरी के पास अभी पर्याप्त समय है। एक अफसर के मुताबिक, नामांकन करने से किसी को नहीं रोका जा सकता। असल बात नामांकन पत्र को स्वीकार करने या खारिज करने से जुड़ी है। किसी के भी दो बच्चे हैं या ज्यादा है, वह नामांकन करने के लिए तो स्वतंत्र है। नामांकन पत्रों की जांच के लिए तय आखिरी दिन तक का समय मौजूद है। इस वक्त तक जैसी स्थिति बनेगी, उस हिसाब से फैसला किया जाएगा।

...मगर दावेदारों का तो हर पल उलझन में
बच्चों की शर्त और पंचायत चुनाव में दावेदारी का मसला इतना उलझा हुआ है कि दावेदारों का एक-एक पल उलझन में गुजर रहा है। इन स्थितियों के बीच, तमाम दावेदारों के चेहरे पर बच्चों की शर्त पर हाईकोर्ट के फैसले के बाद रौनक लौटी है, लेकिन वह पूरी तरह से आश्वस्त हो जाना चाहते हैं। ऐसे में उन्होंने नामांकन प्रक्रिया का हिस्सा बनने का तो निर्णय ले ही लिया है। दूसरी तरफ, तमाम दावेदार अब भी असमंजस में हैं।
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