नजमा ने अपनी दोनों बेटियों को मेहनत और संघर्ष की शिक्षा दी। उनके पति की इच्छा थी कि दोनों बेटियां डॉक्टर बने। दोनों बेटियों ने देखा कि पिता का सपना पूरा करने के लिए मां लगातार संघर्ष कर रही है। ऐसे में उन्होंने भी अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेकिन मेडिकल कोचिंग की महंगी फीस उनके रास्ते का रोडा बन गई। तब विपिन बलूनी के सहयोग से आतिका की कोचिंग मुफ्त हो गई। एमबीबीएस प्रवेश परीक्षा क्वालिफाई करने के बाद आतिका ने श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लिया, जहां से वह दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही है। वहीं बड़ी बेटी सारा भी फिजियोथिरैपी का कोर्स कर रही है।