ऐसे में उन्होंने अपने पति के जलविद्युत परियोजनाओं का काम करना शुरू किया। शाही ने बताया कि शुरूआती दौर में पति के बिजनेस को संभालने में बहुत दिक्कतें आईं। इससे पहले उन्होंने कभी ऐसा काम नहीं किया था।
वह पूरी तरह से एक ग्रहणी थी, लेकिन दोनों बेटे आदित्य राज शाही और अभिषेक राज शाही के पालन पोषण के लिए उन्होंने काम करना शुरू किया। प्रभा की मेहनत रंग लाई और आज दोनों बेटे विदेश में लाखों रुपये के पैकेज में नौकरी कर रहे हैं। प्रभा दून के गढ़ी कैंट में रहती है।
प्रभा ने बताया कि शुरूआती दिनों में जब उन्होंने अपने पति का बिजनेस संभाला था तो उनके पास गाड़ी नहीं थी। इसके चलते वह रोजाना 15 से 20 किमी का सफर पैदल तय करतीं थीं। वर्तमान में उनके पास लगभग 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं। जबकि, एक समय में कर्मचारियों की संख्या 400 के पार जा पहुंची थी।
बेटे के एडमिशन के लिए नहीं थे पैसे
प्रभा ने बताया कि पति के निधन के बाद छोटे बेटे आदित्य राज शाही के एडमिशन के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। इसके कारण आदित्य चार महीने तक घर में रहा। उन्होंने कहा कि घरवालों की ओर से भी कोई सहयोग नहीं मिला। अंत में उन्होंने अपने आभूषण बेच आदित्य का एडमिशन कराया।