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Mother's day: पति की मौत के बाद बच्चों के लिए संभाला बिजनेस, आज दोनों बेटे विदेश में कर रहे नौकरी

Sun, 12 May 2019 06:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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दोनों बेटों के साथ मां प्रभा - फोटो : अमर उजाला
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दुनिया में भगवान द्वारा बनाई हुई सबसे खूबसूरत कोई कृति है तो वह केवल मां है। एक मां ही है जो अपने बच्चे के लिए बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना करने का साहस रखती है। ऐसी ही कहानी है दून की प्रभा शाही की, जिन्होंने पति का बिजनेस संभाल अपने दोनों बेटों को कामयाब बनाया है।

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उनके दोनों बेटे विदेश में लाखों रुपये के पैकेज में नौकरी कर रहे हैं। जबकि, प्रभा खुद हिमाचल प्रदेश के रोडो शहर में पति के बिजनेस को आगे बढ़ाने में जुटीं हैं। प्रभा के पति आरबी शाही का हृयदयाघात के चलते साल 2005 में निधन हो गया था।

इसके बाद प्रभा के लिए दोनों बेटों का पालन पोषण करना किसी चुनौती से कम नहीं था। उन्होंनेे बताया कि पति के जाने के बाद बच्चों की पढ़ाई के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। परिवार वालों की ओर से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा था।

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जलविद्युत परियोजनाओं का काम करना शुरू किया

ऐसे में उन्होंने अपने पति के जलविद्युत परियोजनाओं का काम करना शुरू किया। शाही ने बताया कि शुरूआती दौर में पति के बिजनेस को संभालने में बहुत दिक्कतें आईं। इससे पहले उन्होंने कभी ऐसा काम नहीं किया था।

वह पूरी तरह से एक ग्रहणी थी, लेकिन दोनों बेटे आदित्य राज शाही और अभिषेक राज शाही के पालन पोषण के लिए उन्होंने काम करना शुरू किया। प्रभा की मेहनत रंग लाई और आज दोनों बेटे विदेश में लाखों रुपये के पैकेज में नौकरी कर रहे हैं। प्रभा दून के गढ़ी कैंट में रहती है।
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20 किलोमीटर पैदल चलती थीं प्रभा

प्रभा ने बताया कि शुरूआती दिनों में जब उन्होंने अपने पति का बिजनेस संभाला था तो उनके पास गाड़ी नहीं थी। इसके चलते वह रोजाना 15 से 20 किमी का सफर पैदल तय करतीं थीं। वर्तमान में उनके पास लगभग 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं। जबकि, एक समय में कर्मचारियों की संख्या 400 के पार जा पहुंची थी।

बेटे के एडमिशन के लिए नहीं थे पैसे
प्रभा ने बताया कि पति के निधन के बाद छोटे बेटे आदित्य राज शाही के एडमिशन के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। इसके कारण आदित्य चार महीने तक घर में रहा। उन्होंने कहा कि घरवालों की ओर से भी कोई सहयोग नहीं मिला। अंत में उन्होंने अपने आभूषण बेच आदित्य का एडमिशन कराया।
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