फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: लोहा पीटकर चार बेटियों को पढ़ा रही है मेरठ की पूजा

Sat, 20 Oct 2018 09:17 AM IST
भक्त दर्शन पांडेय, अमर उजाला, पिथौरागढ़
विज्ञापन
स्वयं को अक्षर ज्ञान नहीं, लेकिन बेटियों को पढ़ाना चाहती है पूजा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

मेरठ से आई पूजा लोहा पीटकर अपनी चार बेटियों को न केवल शिक्षित कर रही है, बल्कि उन्हें पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर या शिक्षक बनाना चाहती है।

विज्ञापन


वह कहती हैं कि बच्चों की पढ़ाई को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं करना चाहिए और न बेटा-बेटी में ही भेदभाव करना चाहिए।

मेरठ के मोदीपुरम निवासी पूजा अपने पति लाल सिंह और चार बेटियों के साथ पिछले कई वर्षों से पिथौरागढ़ में रहकर लोहे के बर्तन बेचने का काम करती है।

बेटा-बेटी में फर्क नहीं समझती पूजा

स्वयं अक्षर ज्ञान नहीं रखने वाली पूजा कहती हैं कि उनकी दो बड़ी बेटियां नगर के प्राइमरी स्कूल में पढ़ रही हैं, जबकि दो छोटी बेटियों को आंगनबाड़ी में भेजा है।

दिन भर फुटपाथ पर बैठकर लोहे के बर्तन बेचने वाली पूजा बेटा-बेटी में फर्क नहीं समझती हैं। कहती हैं कि उनकी जिंदगी भले ही जैसी भी हो, लेकिन वह बेटियों को पढ़ा-लिखाकर डॉक्टर या शिक्षक बनाना चाहती हैं।
 
विज्ञापन

चारों बेटियों को पढ़ाने के लिए आगे और भी मेहनत करनी पड़ेगी

कहती हैं कि चारों बेटियों को पढ़ाने के लिए आगे और भी मेहनत करनी पड़ेगी, जिसके लिए वह तैयार हैं। पति लाल सिंह के साथ लोहे के बर्तन बनाने से लेकर बेचने तक का काम करने वाली पूजा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश भी देती हैं। पूजा औरों को भी बच्चों को पढ़ाने के लिए प्रेरित करती हैं।

घनश्याम ओली चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष अजय ने कहा कि यदि हर मां-बाप में यह सोच हो तो हर बच्चे को शिक्षित किया जा सकता है। सोसायटी ने धूप-बारिश में फुटपाथ पर बैठकर लोहे के बर्तन बेचकर बेटियों को पढ़ा रही पूजा को सम्मानित करने का निर्णय लिया है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें