अविरल गंगा के लिए संकल्पबद्ध संत गोपाल दास को एम्स से देर रात पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करने के बाद पत्राचारों का नया दौर फिर से शुरू हो चुका है। गोपालदास ने नैनीताल हाईकोर्ट को भेजे ताजा पत्र में हरिद्वार प्रशासन के खिलाफ शिकायत की है। उन्होंने कहा है कि अफसर उन्हें अनावश्क रूप से फुटबाल सरीखा बना चुके हैं। इस क्रम में उन्होंने पीजीआई चंडीगढ़ को भी अर्जी दी है कि उन्हें एम्स दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाए।
गोपाल दास ने मुख्य न्यायधीश से कहा है कि अविरल गंगा की मांग के चलते उन्हें परेशान किया जा रहा है। जबरन एलौपैथिक दवाएं दी जा रही हैं जिसके साइड इफेक्ट अब उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा है कि बार-बार लिखित आग्रह के बावजूद आयुर्वेद, होम्योपैथ, यूनानी की चिकित्सा नहीं उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा है कि हिमालय जोन में हो रहा प्रकृति विरोधी विकास खतरे की घंटी है। उन्होंने गंगत्व के लिए संघर्षरत रहे स्वामी सानंद की मौत को रहस्यमयी बताते हुए कोर्ट के दखल की भी मांग की है। पत्र मे मुख्य न्यायधीश को मातृ सदन में आंमत्रित भी किया है जिससे वह गंगा के संरक्षण को लेकर हो रहे सत्याग्रह का संज्ञान ले सकें।