पुनः जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की
मगर बेटे को न्याय दिलाने की ठान चुकी मां ललिता चौधरी ने खुद सड़कों पर उतरकर जांच शुरू की। उन्होंने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज जुटाए और लगातार प्रयास के बाद टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान कर ली। उनकी जांच में सामने आया कि हादसे में शामिल ट्रक का नंबर UK07CB6929 है जो अंकित चौहान के नाम पर पंजीकृत बताया जा रहा है।
पीड़िता का कहना है कि अगर शुरुआत से ही पुलिस गंभीरता दिखाती तो आरोपी अब तक सलाखों के पीछे होता। उन्होंने मामले की पुनः जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए वह एसएसपी से मिलीं तो उन्होंने जांच का आश्वासन दिया। इसके बाद प्रेमनगर थाने में उनसे दोबारा प्रार्थनापत्र लेकर जांच शुरू करने की प्रक्रिया की गई।
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प्रेमनगर थाना प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि मामले में एफआर लग चुकी थी। अब इसे मामले में अग्रिम विवेचना शुरू होगी। बता दें कि नियमों के मुताबिक एफआर के बाद भी नए सबूत मिलने पर या पिछली जांच में कोई महत्वपूर्ण पहलू छूट जाने पर सच्चाई तक पहुंचने के लिए अग्रिम जांच की जाती है। यह लंबित मामले में अतिरिक्त सबूत खोजने और न्याय सुनिश्चित करने की एक कानूनी प्रक्रिया है।