उन्होंने बताया कि शिशु-माता मृत्युदर कम करने के लिए सरकार की ओर से एक और योजना बनाई जा रही है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं को 15 दिन पहले होम स्टे में रखा जाएगा। इसके लिए होटल, अस्पताल आदि में व्यवस्था की जाएगी।
डॉक्टरों ने करार तोड़ा तो अब एक से ढाई करोड़ जुर्माना
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य में रियायती दरों पर मेडिकल की पढ़ाई करने वाले सरकारी डॉक्टरों के नौकरी छोड़ने पर अब सरकार सख्त रुख अपनाएगी। ऐसा करने पर स्पेशलिस्ट डॉक्टर पर अब ढाई करोड़ और एमबीबीएस डॉक्टर पर एक करोड़ का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा अब तक बॉन्ड की राशि कम होने के कारण डॉक्टर पांच लाख रुपये का जुर्माना भरकर सरकारी सेवा छोड़ देते थे। वहीं, डॉ.रावत ने कहा कि वर्ष 2025 तक प्रदेश में सर्जन की कमी दूर हो जाएगी। उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा, जहां एमबीबीएस डॉक्टर सरप्लस होंगे।