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घंटों तक सड़क पर पड़ा रहा बेटे का शव, नहीं पसीजा किसी का दिल, मां ने भी तोड़ा दम

Sat, 22 Jun 2019 11:13 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
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प्रतीकात्मक
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सरोवर नगरी में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। जलसंस्थान के कर्मचारी के निधन पर मकान मालिक ने शव को अपने मकान में नहीं लाने दिया। मां मकान मालिक के पैरों में गिरकर गिड़गिड़ाती रही, लेकिन मकान मालिक नहीं पसीजा।

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अंत में कर्मचारी के शव को अल्मोड़ा के गांव पपोली ले जाया गया। बेटे के शव का इस कदर अपमान होने के बाद मां भी अंतिम संस्कार के बाद दुनिया छोड़ गई। शुक्रवार को दिन भर नगर में इस प्रकरण की चर्चा होती रही। सभी लोग मकान मालिक को कोसते रहे। 

19 जून को योगेश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया

जलसंस्थान के पंप हाउस में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात योगेश कुंवर (28) का दो माह पहले ही विवाह हुआ था। इसी बीच योगेश को पीलिया हो गया और इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया, लेकिन 19 जून को योगेश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।

योगेश नगर के एक मकान में किराए पर रहता था। परिजन और दोस्त योगेश के शव को लेकर 20 जून को नगर में पहुंचे तो मकान मालिक ने शव को मकान में लाने से इनकार कर दिया। योगेश का शव कई घंटे तक सड़क किनारे रखा रहा।

मकान मालिक ने घर में नहीं लाने दिया शव

मां को जब पता चला कि बेटे के शव को मकान मालिक घर में नहीं लाने दे रहा है तो वह उसके सामने काफी गिड़गिड़ाई मगर, वह नहीं पसीजा। यहां तक की मां मकान मालिक के पैरों में गिर गई, उसे फिर भी उसे तरस नहीं आया।

योगेश के रिश्तेदार और स्थानीय लोगों ने मकान मालिक से अनुरोध किया, लेकिन वह नहीं माना। बताया कि योगेश नैनीताल में ही पैदा हुआ था। अब उसका दूसरे किसी स्थान पर कुछ नहीं है। अगर उसके शव को यहां नहीं लाने दिया तो वह कहां जाएंगे। उनके पास कोई दूसरा ठिकाना भी नहीं है। 
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शव का निरादर देख मां ने भी प्राण त्याग दिए

आसपास के लोग बार-बार कहकर हार गए, लेकिन मकान मालिक नहीं माना। इसके बाद 20 जून गुरुवार को ही परिजन योगेश के मूल गांव पपोली अल्मोड़ा शव लेकर पहुंचे और रामेश्वर घाट में उसका अंतिम संस्कार किया गया।

इसी बीच योगेश की मां अचानक से बेसुध हो गई। परिजनों ने समझा कि शायद कुछ देर में उन्हें होश आ आएगा, लेकिन बाद में पता चला कि लाडले के शव का निरादर देख मां ने भी प्राण त्याग दिए हैं।

पालिका कर्मचारी शिवराज सिंह नेगी ने बताया कि मकान मालिक का यह कृत्य मानवता को शर्मसार करने वाला है। शुक्रवार को दिन भर पालिका और जलसंस्थान के कर्मचारियों में इस बात को लेकर चर्चा होती रही।
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