सहसपुर थाना क्षेत्र में दहेज हत्या के मामले में वांछित मां-बेटे को पुलिस ने नौ माह बाद शंकरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों को बुधवार को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम लगातार आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी।
इसी साल 10 फरवरी को यूपी के बरेली जिले के बिसातगंज थाना क्षेत्र निवासी सेठ राम ने सहसपुर थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि वर्ष 2022 में उनकी बेटी रोशनी का विवाह बिसातगंज थाना क्षेत्र के जसवीर से हुआ था। वह सहसपुर के शंकरपुर हुकुमतपुर में किराये पर रह रहा था। बताया कि आरोपी उनकी बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था। सास रूपा देवी, जेठ जयप्रकाश, ननद पूजा भी उसका साथ देती थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि रोशनी जब पांच माह की गभर्वती थी तो उसके साथ ससुराल पक्ष के लोगों ने मारपीट की। इस कारण उसका गर्भपात हो गया था। 25 अक्तूबर 2023 को बेटी से बात हुई। 26 अक्तूबर को उसके पति ने बताया कि आपकी बेटी को दौरा पड़ा और वह बेसुध पड़ी है। ससुराल वालों से उसे बचाने की कोशिश नहीं की।
थाना प्रभारी सहसपुर मुकेश त्यागी ने बताया कि पुलिस ने दहेज हत्या और प्रताड़ना आदि संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपी जसवीर और रूपा देवी लगातार फरार चल रहे थे। बुधवार को सीओ बीएल शाह की अगुवाई में टीम ने दोनों को शंकरपुर से गिरफ्तार कर लिया गया।