क्यूआर कोड दिए जाने के फायदे
यात्रियों को क्यूआर कोड जारी होने से न केवल यह पता लग सकेगा कि पंजीकरण करने वाले यात्री ने दर्शन किए हैं या नहीं, बल्कि तीर्थयात्रियों और उनके वाहनों को आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। क्यूआर कोड यात्रियों को दिए जाने वाले रिस्ट बैंड में रहेगा। जिसे प्रत्येक धाम में स्कैन किया जाएगा। इससे पर्यटन विभाग को यह पता रहेगा कि कौन सा यात्री कहां पर है। पर्यटन विभाग के अनुसार चारधाम यात्रा में तीन से 31 मई तक के लिए एक लाख से अधिक यात्रियों ने पंजीकरण किया है। जिसमें यमुनोत्री धाम के लिए 15829, गंगोत्री धाम के लिए 16804, केदारनाथ धाम के लिए 41107 और बदरीनाथ धाम के लिए 29488 ने पंजीकरण कराया है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था
कोविड महामारी से स्थिति सामान्य होने के बाद इस बार बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। यात्रा में आने वाले यात्रियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। पंजीकरण करने वाले तीर्थयात्रियों का डाटा संबंधित जिलों के डीएम व एसएसपी के साथ साझा किया जा रहा है। इससे स्थानीय प्रशासन को इस बात की जानकारी रहेगी कि किस दिन कितने तीर्थयात्री वहां पहुंच रहे हैं। इससे उन्हें स्थानीय स्तर पर व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी और तीर्थयात्री भी बिना किसी परेशानी के मंदिरों में दर्शन कर सकेंगे। -दिलीप जावलकर, सचिव पर्यटन
बाहरी राज्यों से रोजाना आ रहे 400 से अधिक फोन कॉल
गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, बिहार, मध्यप्रदेश समेत अन्य राज्यों से आने वाले तीर्थयात्री टोल फ्री नंबर 1364 या 0135-2559898, 0135-2552627 और 0135-3520100 पर पंजीकरण, यात्रा मार्गों की स्थिति, मौसम की जानकारी, बुकिंग की स्थिति, ऑनलाइन बुकिंग और हेलीकाप्टर सेवा की जानकारी ले रहे हैं। पर्यटन विभाग के कंट्रोल रूम में रोजाना 400 से अधिक फोन कॉल आ रही है।