14 सूत्री मांगों पर कार्रवाई न होने से नाराज राज्य आंदोलनकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास कूच का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। इस पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई। पुलिस ने करीब 100 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया और सुद्धोवाला जेल ले गई। राज्य आंदोलनकारियों ने वहां भी धरना देकर विरोध जताया। बाद में पुलिस ने सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया।
मंगलवार सुबह चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में राज्य आंदोलनकारी गांधी पार्क के बाहर एकत्रित हुए और वाद्य यंत्रों के साथ सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष जेपी पांडे ने कहा कि सरकार राज्य आंदोलनकारियों की समस्याओं के समाधान में दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
आंदोलनकारियों ने सीएम आवास कूच करने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक लिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। काफी देर तक धक्कामुक्की के बाद पुलिस ने करीब 100 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को सुद्धोवाला जेल लेकर पहुंची।
यह हैं प्रमुख मांगें
आंदोलनकारियों ने जेल में प्रदर्शन शुरू कर दिया। समिति के मुख्य संरक्षक धीरेंद्र प्रताप और कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने जेल में पहुंचकर आंदोलनकारियों को समर्थन दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने फोन कर तुरंत आंदोलनकारियों को रिहा करने को कहा।
महिला प्रकोष्ठ की केंद्रीय अध्यक्ष सावित्री नेगी, महामंत्री भगवान जोशी समेत अन्य प्रदर्शनकारियों ने संघर्ष जारी रखने का ऐलान किया। बाद में उन्हें पांच हजार के निजी मुचलके पर रिहा किया गया।
प्रदर्शन करने वालों में पृथ्वीराज कपूर, गोविंद डोभाल, गणेश रमोला, जयवीर रावत, राजेंद्र सिंह रावत, विशंभर खंकरियाल, सतीश जैन, रश्मि चमोली, सावित्री नेगी, संदीप पोखरियाल, अनिल जोशी, नवीन नैथानी, कमला जोशी, विशालमणि, डा. अमर सिंह, बलवंत सिंह रावत, पार्वती रतूड़ी, विमला रावत, बसंती पटवाल, साधना नवानी समेत अन्य शामिल रहे।
प्रमुख मांगें
-सभी आंदोलनकारियों का चिह्नीकरण और एक समान पेंशन।
-क्षैतिज आरक्षण।
-गैरसैंण को राज्य की स्थाई राजधानी घोषित किया जाए।
-राज्य निर्माण सेनानियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तर्ज पर सेवाएं व सुविधाएं दी जाए।