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युवाओं में बढ़ते नशे के चलन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अहम हो सकता है कदम
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Iछात्रों में नशे की प्रवृत्ति को जानने के लिए उनका मासिक स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा। इस पर पुलिस और संबंधित विभाग जल्द ही शिक्षण संस्थानों के लिए कार्रवाई कर सकते हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव आनंदवर्द्धन ने नार्को को-ऑर्डिनेशन सेंटर (एनकॉर्ड) की बैठक में अधिकारियों के साथ चर्चा की थी। अधिकारियों का भी मानना है कि विशेष तौर पर उच्च शिक्षण संस्थानों में यह व्यवस्था की जाती है तो छात्रों में नशे की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है। इसके लिए उनके माता-पिता को भी जागरूक किया जाएगा।
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Iगौरतलब है कि एनकॉर्ड के तहत मुख्य सचिव ने अब तक की पुलिस की कार्रवाई और जनजागरूकता के संबंध में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समीक्षा की थी। इस दौरान प्रदेश में नशे पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न कार्ययोजनाओं पर चर्चा की गई थी। इसमें युवाओं में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाने के लिए विस्तृत प्लान बनाने के निर्देश मुख्य सचिव ने दिए थे। इन्हीं में से एक था कि उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र नशे की दलदल में धंसते जा रहे हैं। बैठक में कहा गया था कि पुलिस संस्थानों के आसपास सक्रिय रहकर इस पर अंकुश लगाने का प्रयास करती है, लेकिन नशे की सप्लाई पर तभी रोक लगाई जा सकती है जब इसकी मांग में कमी लाई जाए। इसके लिए ऐसे युवाओं और लोगों की पहचान करनी जरूरी है जो नशा करते हैं। इसके लिए शिक्षण संस्थान महत्वपूर्ण केंद्र साबित हो सकते हैं। ऐसे में अब शिक्षण संस्थानों में मासिक स्वास्थ्य परीक्षण शिविर लगाने पर विचार किया जा रहा है। इसमें छात्रों के ऐसे टेस्ट भी किए जाएंगे जिससे यह पता लगाया जा सके कि वे नशा करते हैं या नहीं। इसके बाद उनके परिजनों को विश्वास में लेकर काउंसलिंग व अन्य तरीके नशा छोड़ने के लिए अपनाए जाएंगे। एसएसपी एसटीएफ नवनीत भुल्लर ने बताया कि इस बारे में चर्चा हुई थी। इसके लिए विस्तृत योजना बनाई जाएगी, जिसमें कई जिम्मेदार विभाग भी शामिल होंगे।I