भूस्खलन और बाढ़ का खतरा
मौसम विभाग ने चेताया है कि लगातार बारिश के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने और मलबा आने की घटनाएं हो सकती हैं। नदियों और गदेरों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बना रहेगा। कई स्थानों में सड़कें और राजमार्ग बाधित हो सकते हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होगा। ऐसे में प्रशासन ने चारधाम यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों से दूर रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करने की सलाह दी गई है।
किसानों और एजेंसियों के लिए निर्देश
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी करने और फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। वहीं बांध, बैराज और जलविद्युत परियोजनाओं से जुड़े अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारियों को सतर्क रहने के दिए निर्देश
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी), देहरादून के जारी मौसम पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में अगले कुछ दिन कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसे देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने सभी जिलाधिकारियों को एहतियाती उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी की जाए, राहत व बचाव दलों को हाई अलर्ट पर रखा जाए। सड़क अवरुद्ध होने की स्थिति में संबंधित विभाग तत्काल मार्ग खोलने की कार्रवाई करें। सभी विभागीय अधिकारी, आपदा प्रबंधन से जुड़े नोडल अधिकारी एवं आईआरएस प्रणाली के अधिकारी सक्रिय रहें तथा अपने मोबाइल एवं संचार माध्यम लगातार चालू रखें।
इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों पर मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक प्रतिबंध लगाने, विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को भी कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने लोगों से अपील की है कि मौसम विभाग व प्रशासन की जारी एडवाइजरी का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन अथवा आपदा नियंत्रण कक्ष से तत्काल संपर्क करें।