शुरुआत से ही धीमी चाल से चल रहे मानसून ने मंगलवार को उत्तराखंड में दस्तक दे दी। दिन भर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के बाद मौसम विभाग ने इसकी घोषणा कर दी है।
पहले मौसम विज्ञानियों ने मानसून की रफ्तार को देखते हुए जून के अंतिम सप्ताह तक राज्य में मानसून पहुंचने की संभावना जताई थी। गत वर्ष के मुकाबले इस साल बुलेट ट्रेन की रफ्तार से तीन दिन पहले ही मानसून पहुंच गया है।
मौसम विभाग के निदेशक बिक्रम सिंह ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने प्रदेश में दस्तक दे दी है। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के कुछ हिस्सों को छोड़कर मंगलवार को प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में मानसून की पहली बारिश हुई। राजधानी दून में 23.6 मिमी, पंतनगर में 19.2 मिमी, मुक्तेश्वर में 1.3 मिमी और नई टिहरी में 1 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बिहार तक पहुंचने में मानसून की चाल काफी धीमी थी। लिहाजा इस साल मानसून देरी से आने की संभावनाएं भी तेज हो रही थीं। लेकिन मंगलवार को अचानक बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार से मानसून प्रदेश में पहुंच गया है। प्रदेश सरकार को भी मानसून के आने की जानकारी दे दी गई है। गत वर्ष प्रदेश में 24 जून को मानसून ने दस्तक दी थी।
आकाशीय बिजली से शहर की बत्ती गुल
बिजली
- फोटो : अमर उजाला
आसमान में बिजली चमकने से शहर के बड़े हिस्से में बत्ती गुल हो गई। तेज बरसात ने भी बिजली को झटका दिया। कई क्षेत्रों में सुबह गुल हुई बिजली बहाल करने में देर शाम तक का वक्त लग गया।
मंगलवार सुबह 11 बजे तेज बारिश के साथ जैसे ही आकाशीय बिजली चमकी, विद्युत वितरण खंड (दक्षिण) के अंतर्गत बसंत विहार में काली मंदिर के समीप स्थित 400 केवीए का ट्रांसफार्मर खराब हो गया। जिससे वसंत विहार, सीमाद्वार, शास्त्री नगर खाला, लवली मार्केट, उम्मेदपुर समेत आसपास के बड़े क्षेत्र में बिजली गुल हो गई।
बारिश थमने के बाद शट डाउन लेकर पावर कारपोरेशन के इंजीनियर व अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे और ट्रांसफार्मर को ठीक करने का कार्य शुरू किया। देर शाम तक ट्रांसफार्मर को दुरुस्त नहीं किया जा सका था। घंटों बिजली गुल रहने से बढ़ी समस्या के मद्देनजर कारपोरेशन ने विकल्प के तौर पर 400 केवीए के ट्राली ट्रांसफार्मर को लगाकर विद्युत आपूर्ति सुचारु की।
इसी तरह बारिश के कारण विद्युत वितरण खंड (दक्षिण) के अंतर्गत एफआरआई परिसर में 11 केवी की लाइन पर सुबह 10 बजे पेड़ गिर गया। कारपोरेशन कर्मियों ने पेड़ हटाकर दोपहर करीब 2.50 बजे विद्युत आपूर्ति सुचारु किया। कारपोरेशन के प्रवक्ता एवं डाइरेक्टर (एचआर) पीसी ध्यानी ने बताया कि बारिश थमते ही फील्ड में मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया था।
Published By : Nirmala Suyal