गर्मियों भर किल्लत से जूझते रहे देहरादून के लोगों को बरसात में पानी बीमारियां बांटने वाला है।
मानसून के लिए पूरी तैयारी करने का दावा
गलोगी प्रोजेक्ट में अब तक फिल्टरेशन प्लांट तैयार नहीं किया जा सका है। दूसरी ओर, शहरभर में कई लाइनें टूटी होने से पानी में गंदगी मिल रही है। वहीं, जल संस्थान मानसून के लिए पूरी तैयारी करने का दावा कर रहा है।
बरसात के दौरान शहर के कई क्षेत्रों में गंदे पानी की सप्लाई लोगों की परेशानी का सबब बन जाती है। ब्रिटिश जमाने की बिछी लाइनें तेज बारिश होते ही टूट जाती है।
कई जगह पाइप नालियों के बगल से जा रहे हैं। ऐसे में पेयजल सप्लाई में गंदा पानी भी मिल जाता है। दूसरी ओर, तीन साल पहले बने गलोगी प्रोजेक्ट से जुड़ी करीब 50 हजार आबादी को फिर गंदे पानी की समस्या से जूझना पड़ सकता है।
अब तक यहां फिल्टरेशन प्लांट भी नहीं बना है। भारी बरसात के दौरान इस प्रोजेक्ट से सप्लाई होने वाले पानी से घरों में केंचुए, कीड़े और गंदगी निकलती है।
ऐसे में इसे बंद कर दिया जाता है और बरसात में भी लोग किल्लत से जूझते रहते हैं। अब तक प्लांट न बनने से इस बार भी यह दिक्कत बन सकती है।
यहां होती है दिक्कत
चुक्खूवाला, खुड़बुड़ा, मन्नूगंज, शिवपुरी, भागीरथीपुरम, माजरीमाफी, धामावाला, मोती बाजार, नवादा, शमशेरगढ़, टीएचडीसी कॉलोनी आदि।
जल संस्थान ने मानसून की तैयारियां कर ली गई हैं। सभी जगह क्लोरीनेशन किया जाएगा। फिटकरी और ब्लीचिंग पाउडर मंगा लिया है। जहां से भी लीकेज की शिकायत आएगी, तुरंत मरम्मत कराएंगे। गंदे पानी से जलजनित रोगों का खतरा रहता है। विभाग ने पूरा ध्यान रखा है कि ऐसा न हो।
- डीडी डिमरी, मुख्य महाप्रबंधक, जल संस्थान
एडीबी की ओर से गलोगी में फिल्टरेशन प्लांट बनाने का काम शुरू कर लिया गया है। इसके तहत फिल्टरेशन और सॉफ्टनिंग दोनों ही प्लांट बनेंगे। पहाड़ से आने वाले पानी में हार्डनेस अधिक होती है। सालभर में यह काम पूरा करा लिया जाएगा।
- प्रभात राज, उप कार्यक्रम निदेशक, एडीबी