उत्तराखंड से आखिर मानसून की विदाई हो गई। खास बात यह कि इस बार मानसून ने राज्य में बीते 38 साल का रिकार्ड तोड़ दिया। इससे पहले सन् 1975 में मानसून सबसे लंबे समय तक रुका था।
तब 22 जून को मानसून की शुरुआत हुई थी और 12 अक्तूबर तक ठहर उसने विदा कहा था। इस बार मानसून का ठहराव पांच दिन और बढ़ गया। मानसूनी बारिश ने जाते-जाते भी लोगों को भिगोया।
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बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा
प्रदेश भर में बृहस्पतिवार तक बूंदाबांदी का क्रम जारी रहा। राज्य मौसम केंद्र के अनुसार आर्द्रता का अधिकतम प्रतिशत 98, जबकि न्यूनतम प्रतिशत 65 दर्ज किया गया।
अलबत्ता, शुक्रवार को प्रदेश भर में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। राजधानी दून में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। तापमान में मामूली गिरावट की संभावना है। अधिकतम तापमान 29, जबकि न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
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इस मानसून में सर्वाधिक भीगी राजधानी
इस मानसून राजधानी दून ने भी एक नया रिकार्ड बनाया। एक जून से 30 सितंबर के बीच यह 2865 मिलीमीटर बरसात के साथ सर्वाधिक मानसूनी बारिश झेलने वाली राजधानी रही। इसके पश्चात मुंबई रहा, जहां कुल 2365 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।
2011 में सर्वाधिक बरसात महाराष्ट्र में दर्ज की गई थी। लेकिन बीते साल दून ने 2137 मिलीमीटर बरसात के साथ मुंबई को पीछे छोड़ा था। तब मुंबई में 1867 मिलीमीटर बरसात हुई थी।
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24 घंटे में बारिश का 88 साल का रिकार्ड भी टूटा
दून में इस साल 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का 88 साल पुराना रिकार्ड भी टूट गया। इससे पहले दून में 1925 में 24 घंटे में 188 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी, लेकिन इस साल जून माह की 17 तारीख को यह रिकार्ड टूटा। इस दिन 24 घंटे के भीतर 370 मिलीमीटर बरसात रिकार्ड की गई।
इस साल जून में सबसे ज्यादा बारिश भी दर्ज की गई। इससे पहले दून में जून माह में सर्वाधिक बारिश 1966 में पड़ी थी। तब कुल 964 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई थी, जो इस बार 1095 मिलीमीटर रही।