सड़क बंद होने के बाद कई लोग सामान कंधे पर रखकर पैदल घर को पहुंचे। लोनिवि यहां जेसीबी से बृहस्पतिवार रात 10 बजे से सड़क खोलने का प्रयास कर रही है, लेकिन लगातार गिर रहे मलबा गिरने के कारण सड़क खोलने में दिक्कतें हो रही हैं।
भारी बारिश के कारण गिनी बैंड-समकोट, बांसबगड़-धामीगांव, पौड़ी-घटकूना सड़क बंद हो गई है। इससे करीब दो हजार से अधिक की आबादी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, चंपावत जिले में सुबह पांच बजे से एनएच में टिपनटॉप के पास मलबा आया, जिसे सवा सात बजे हटा लिया गया। वहीं सुबह करीब छह बजे दूसरी जगह चल्थी (कठौल) के पास भारी चट्टान आने से एनएच बंद हो गया।
सड़क के बीचोंबीच आई भारी-भरकम चट्टानों को हटाने के लिए जेसीबी और पोकलैंड लगाए गए। राष्ट्रीय राजमार्ग लोहाघाट खंड के अधिशासी अभियंता एलडी मथेला ने बताया कि घंटों की मशक्कत के बाद चट्टानों को तोड़ कर हटाया जा सका। सड़क बंद होने से लोगों को भारी दुश्वारी झेलनी पड़ी। इस दौरान बड़ी संख्या में वाहन भी फंसे रहे।
बता दें कि इससे पूर्व मलबा आने से टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग में सात अप्रैल से लगातार चार दिन और 16 अप्रैल को एक दिन मार्ग बंद रहा था। इधर ककरालीगेट-ठुलीगाड़ मोटर मार्ग भी सुबह सवा आठ बजे से कुछ देर के लिए बंद रहा। इसके अलावा मलबा आने से सूखीढांग-डांडा-मीनार मोटर मार्ग भी सुबह साढ़े आठ बजे से बंद है।