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देवभूमि में बारिश बनी आफत: 11 दुकानों में घुसा मलबा, कई राजमार्ग रहे घंटों बंद

Sat, 30 Jun 2018 09:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
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बारिश से मैणागाड़ और ज्ञानसू खाले में बहकर आया मलबा - फोटो : amar ujala
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बृहस्पतिवार रात हुई मूसलाधार बारिश से मैणागाड़ और ज्ञानसू खाले में बहकर आया मलबा 11 दुकानों में घुस गया, जिससे कुल 4.60 लाख रुपये के नुकसान का आंकलन किया गया। वहीं गंगोत्री हाईवे पर करीब एक किमी हिस्से में मलबा फैलने से आवाजाही भी प्रभावित हुई।

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शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचे बीआरओ के जवानों ने गंगोत्री हाईवे पर पसरा मलबा साफ किया। दोपहर बाद डीएम डा. आशीष चौहान ने ज्ञानसू पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। डीएम ने बीआरओ को ज्ञानसू नाले और हाईवे के किनारे की नालियों में जमा मलबा साफ करने के निर्देश दिए। एसडीएम देवेंद्र नेगी ने बताया कि मैणागाड़ और ज्ञानसू खाले में आया मलबा सतपाल रावत, बचन राणा, राजेश सिंह, आनंद कुमार, आनंद पंवार, अनिल प्रकाश, जगमोहन सिंह, भाग सिंह, विरेंद्र दत्त, डा. कृष्णानंद कुड़ियाल, शांति थपलियाल की दुकानों में घुसा। उधर, भटवाड़ी ब्लॉक के मांडौं गांव के ऊपर स्थित मुख्य नाले में पानी का प्रवाह अवरुद्ध होने से ग्रामीण भयभीत हैं। वन सरपंच प्रताप चौहान ने बताया कि नाले में उफान आने पर पूर्व में भी गांव में कई बार नुकसान हो चुका है। वर्तमान में पहाड़ी से हो रहे भूस्खलन से पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया है। उन्होंने शीघ्र समस्या हल नहीं होने पर बस्ती को खतरा बताया है। 

रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राजमार्ग लीसा फैक्ट्री के समीप प्रभावित हुआ यातायात
तिलवाड़ा में बारिश और मलबे से रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग लीसा फैक्ट्री के समीप बार-बार बंद होता रहा। ऑल वेदर रोड परियोजना में चौड़ीकरण कार्य के बाद से हाईवे कई स्थानों पर संवेदनशील हो गया है, जिससे मानसून सीजन में खतरा बना हुआ है। बृहस्पतिवार रात्रि को हुई तेज बारिश से तिलवाड़ा बाजार से करीब डेढ़ किमी आगे लीसा फैक्ट्री के समीप पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर गिरने से हाईवे रात्रि 11 बंद हो गया था। शुक्रवार तड़के से ही यहां दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। एनएच द्वारा मशीनों से मलबा साफ कर प्रात: 7.30 बजे यातायात बहाल किया गया, लेकिन नौ बजे पुन: पहाड़ी से भारी मलबा व बोल्डर गिरने से हाईवे दुबारा बंद हो गया। दो घंटे की कड़ी मशक्त के बाद एनएच द्वारा पूर्वान्ह 11 बजे यातायात बहाल किया गया। बावजूद पूरे दिन रुक-रुककर पहाड़ी से मलबे के साथ ही पत्थर गिरते रहे, जिससे यातायात संचालन में दिक्कतें होती रही। ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत हाईवे के चौड़ीकरण के लिए की गई कटिंग के बाद से लीसा फैक्ट्री के समीप पहाड़ी से हल्की बरसात में मलबा व पत्थर गिर रहे हैं, जिससे राजमार्ग बंद होने से यातायात प्रभावित हो रहा है।  बीते 16 जून को पहाड़ी का एक हिस्सा टूट गया था, जिससे हाईवे का 30 मीटर हिस्सा भी ध्वस्त हो गया था। एनएच द्वारा मलबा साफ कर नई कटिंग कर सड़क तैयार की गई थी, लेकिन तब से पहाड़ी पर भूस्खलन जोन सक्रिय हो गया है। इधर, एनएच के ईई जितेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रभावित स्थानों पर हाईवे बरसात मेें कम से कम बाधित हो, इसके लिए मशीनें तैनात की गई है।

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मलबा आने से घंटों अवरुद्ध रहे यमुनोत्री-गंगोत्री हाईवे

मार्ग से मलबा हटाती जेेसीबी
बृहस्पतिवार देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन सक्रिय होने से गंगोत्री एवं यमुनोत्री हाईवे सहित जनपद की के आधा दर्जन मोटर मार्ग घंटों बाधित रहे। गंगोत्री हाईवे समेत अधिकांश सड़कों पर शुक्रवार सुबह तक यातायात बहाल कर लिया गया, लेकिन ओजरी-डबरकोट स्लाइड जोन से लगातार मलबा पत्थर गिरने के कारण यमुनोत्री हाईवे शुक्रवार शाम चार बजे कुछ देर के लिए खुला और फिर अवरुद्ध हो गया। 

बृहस्पतिवार देर रात हुई बारिश से गंगोत्री हाईवे धरासू बैंड, हेलगूगाड़ एवं डबराणी में भूस्खलन से अवरुद्ध हो गया। बीआरओ ने मशीनें लगाकर शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे यातायात बहाल किया। यमुनोत्री हाईवे के लिए नासूर बने ओजरी डबरकोट में पहाड़ी से बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी रहने के कारण समाचार लिखे जाने तक नहीं खुल पाया है। हालांकि इस बीच शाम करीब चार बजे कुछ देर के लिए मलबा हटाकर जोखिम के बीच कुछ वाहन पास कराए गए, लेकिन फिर से बोल्डर गिरने से यातायात अवरुद्ध हो गया। यहां स्लाइड जोन के दोनों ओर करीब 30 वाहनों में करीब तीन सौ यात्री फंसे रहे।

यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे के अलावा बृहस्पतिवार देर रात हुई बारिश से ज्ञानसू-साल्ड, जोगत-धरासू, सांकरी-जखोल एवं बरनाली-जौंकाणी मोटर मार्ग भी भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हुई। सड़कों पर शुक्रवार सुबह करीब 11-12 बजे यातायात बहाल हो पाया। मानसून सीजन में आने वाले दिनों में बारिश की आशंका के चलते यात्रा मार्ग के साथ ही अन्य मोटर मार्ग पर अवरुद्ध होने का खतरा मंडरा रहा है।

अतिवृष्टि में भूस्खलन सक्रिय होने के कारण यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत कुछ अन्य सड़कों पर यातायात अवरुद्ध हुआ था। संबंधित विभागों को मौके पर मशीनें तैनात रखकर शीघ्र यातायात बहाली के निर्देश दिए गए हैं। गंगोत्री हाईवे अब खुला है, जबकि ओजरी डबरकोट वाले हिस्से में यमुनोत्री हाईवे पर शीघ्र यातायात बहाली के प्रयास चल रहे हैं। 
- डा. आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी

आफत बनकर बरसी बारिश, दस मार्ग बंद 
पौड़ी मंडल मुख्यालय और आस पास के क्षेत्रों में बारिश एक बार फिर आफत बनकर बरसी है। बारिश के चलते खंडा-लिंक मार्ग पर भारी मलबा आ गया है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्ग में इतना अधिक मलबा आया है कि नौ जुलाई से पहले मार्ग को खोलना संभव नहीं है। पौड़ी में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे कई मार्गों में जगह-जगह मलबा आ गया है। वभिगीय अधिकारियों के मुताबिक मुसौली-तेलधार मोटर मार्ग, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत बने ऐता-चरेक मोटर मार्ग और कसानी-ठेसवानी मोटर मार्ग सहित विभिन्न दस मार्ग मलबा आने से बंद हो गए हैं। बीते दिनों हालांकि जिलाधिकारी सुशील कुमार की ओर से लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि किसी भी मार्ग को खोलने में 24 घंटे से अधिक का समय न लिया जाए, लेकिन खंडा-लिंक मार्ग पर इतना अधिक मलबा आ गया है कि विभागीय अधिकारियों ने इतने कम समय पर इसे खोलने में हाथ खड़े कर दिए हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि मार्ग को नौ जुलाई तक खोला जा सकेगा। जबकि विभिन्न छह मार्ग एक से दो दिन के भीतर खोल दिए जाएंगे।
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जल विद्युत परियोजना ने छोड़ा पानी, नदी में फंसे वाहन

परियोजना झील से पानी छोड़े जाने पर कई वाहन अलकनंदा नदी में फंस गए - फोटो : amar ujala
श्रीनगर में जल विद्युत परियोजना कंपनी द्वारा परियोजना झील से पानी छोड़े जाने पर कई वाहन अलकनंदा नदी में फंस गए। गनीमत रही कि किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ। वहीं कंपनी प्रशासन का कहना है, कि झील से पानी छोड़े जाने के संबंध में जिला प्रशासन को सूचित किया गया था। ऊपरी क्षेत्र में बारिश होने से झील का जल स्तर बढ़ गया था।

शुक्रवार दोपहर करीब साढे़ बारह बजे परियोजना झील से पानी छोड़े जाने पर अलकनंदा का जल स्तर अचानक बढ़ गया, जिससे अलकनंदा नदी में खनन पट्टों (आरबीएम) पर खनन सामग्री भर रहे वाहन नदी में फंस गए। इस दौरान बड़ी संख्या में यहां मजदूर व वाहन चालक भी थे। वाहनों व मजदूरों के नदी में फंसने की सूचना पर कंपनी ने कुछ देर के लिए पानी प्रवाह रोका, जिससे वाहन बाहर निकल पाए। कंपनी के जन संपर्क अधिकारी वाईआर शर्मा ने कहा कि पानी छोड़े जाने से पूर्व चेतावनी सायरन बजाया जाता है। साथ ही एक माह पूर्व जिला प्रशासन को जल स्तर की स्थिति से अवगत करा दिया गया था। लोगों को अब नदी तटों से दूर रहना चाहिए।  

छोटा कैलाश यात्रियों को पांग्ला में रोका
धारचूला (पिथौरागढ़) क्षेत्र में हुई बारिश के चलते कई जगहों पर सड़कें मलबा और बोल्डर गिरने से छोटा कैलाश यात्रा बंद हो गईं हैं। पांग्ला के पास ब्यालधार में रास्ता बंद होने से आदि कैलाश की यात्रा पर जा रहे छठे दल के यात्रियों को देरी के चलते पांग्ला में ही रुकना पड़ा। यात्रियों को शुक्रवार को बूंदी पहुंचना था। यात्री अब शनिवार सुबह बूंदी के लिए रवाना होंगे। बीत रात तेज बारिश के कारण कई जगह भूस्खलन हो गया। नगर से सटे टीवी टावर के पास घटखोला में भारी मलबा आने से सुबह के समय दो घंटा तवाघाट रोड बंद रही। इससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। घटधार में भूस्खलन के चलते पेयजल लाइन ध्वस्त हो गई। पांग्ला के पास ब्यालधार में भूस्खलन के दौरान मलबा आने से सुबह रास्ता बंद रहा। कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में रास्ता खोला गया।
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