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कैलाश मानसरोवर यात्रा 2018: यात्रा के दौरान चीनियों ने किया कुछ ऐसा कि खुशी से फूले नहीं समाए यात्री

Sat, 30 Jun 2018 09:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पिथौरागढ़
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कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी कर लौटा पहला दल - फोटो : amar ujala
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भगवान भोलेनाथ की नगरी कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा कर लौटे पहले दल के यात्री यात्रा के दौरान मिले प्यार व सम्मान से खुश नजर आए।

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यात्रियों ने बताया कि उन्हें भारत और चीन में यात्रा के दौरान किसी तरह की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। अलबत्ता डेरापुक में शौचालय से फैली गंदगी की टीस उनके मन में थी। डोलमा के पास फेंकी गई कोल्ड ड्रिंक की खाली केन और खाद्य सामग्री के पैकेटों ने यात्रियों को उद्वेलित कर दिया।  

पिथौरागढ़ पर्यटक आवास गृह में अमर उजाला के साथ वार्ता में दिल्ली की फूलवती (64) ने बताया कि उन्हें भारतीय क्षेत्र में यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। उच्च हिमालयी क्षेत्र में वह घोड़े पर सवार होकर गईं। कैलाश की परिक्रम काफी कठिन थी, लेकिन भोलेनाथ की कृपा से यह आसानी हो गई। वह अपने साथ गौरीकुंड का जल भी लेकर आईं।

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'पवित्र क्षेत्र में सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए'

पहले दल में शामिल फूलवती देवी - फोटो : amar ujala
चीन में सुरक्षा एजेंसियों का व्यवहार अच्छा था। आईटीबीपी का सुरक्षा दस्ता उन्हें आसानी से वापस ले आया। दुर्गापुर स्टील प्लांट में कार्यरत तमिलनाडु की गीता विश्वनाथन ने बताया कि उच्च हिमालयी क्षेत्र में रात के एक से तीन बजे के बीच उन्हें सांस की दिक्कत हुई। इस बीच नाक से हल्का खून भी आया।

बावजूद इसके भोले का स्मरण कर वह आगे बढ़ती गईं। चीनियों के हंसमुख व्यवहार ने उन्हें खासा लुभाया। डोलमा के पास खाद्य पदार्थ के खाली पैकेट और कोल्ड ड्रिंक की केन से वह व्यथित नजर आईं। डेरापुक में शौचालयों के बाहर गंदगी से भी परेशानी हुई। उनका कहना है कि पवित्र क्षेत्र में सफाई पर विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि मानसरोवर में व्यवस्था अच्छी थी। कहा कि भोलेनाथ की कृपा से यात्रा के दौरान मौसम बेहद खुशनुमा था।  

आईटीबीपी को किया सेल्यूट 
कैलाश परिक्रमा पूरी कर लौटे पहले दल के सदस्य भारतीय क्षेत्र में आईटीबीपी की व्यवस्था से गदगद नजर आए। यात्री गीता विश्वनाथन और फूलवती ने बताया कि गुंजी से लिपुपास तक आईटीबीपी का सुरक्षा दस्ता, मेडिकल और संचार की टीम उनके साथ थी। दुर्गम रास्तों पर आईटीबीपी कर्मियों ने उनकी मदद की। यात्रा के दौरान चढ़ने और वापसी में उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा। दोनों यात्रियों ने उत्साह के साथ कहा कि वह आईटीबीपी को सलाम करती हैं।  
 
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कैलाश परिक्रमा पूरी कर पिथौरागढ़ पहुंचा पहला दल

kailash mansarovar yatra
कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला दल यात्रा पूरी कर पिथौरागढ़ लौट आया। यात्री अपराह्न बाद अल्मोड़ा के लिए रवाना हो गए। दूसरे दल के यात्री कैलाश पर्वत की परिक्रमा पूरी कर मानसरोवर परिक्रमा में जुट गए हैं। तीसरा दल शनिवार को तकलाकोट से दार्चिन के लिए रवाना होगा। चौथे दल के यात्रियों का गुंजी में मेडिकल किया गया। इसमें सभी यात्री स्वस्थ पाए गए। पांचवें दल के यात्री पर्यटक आवास गृह डीडीहाट पहुंच गए हैं।

मानसरोवर यात्रा का पहला दल 13 जून को आधार शिविर धारचूला पहुंचा। पहले दल में 58 यात्री शामिल थे। इनमें 17 महिलाएं थीं। गुंजी में स्वास्थ्य जांच में एक यात्री अनफिट पाए गए, जिन्हें वापस पिथौरागढ़ भेज दिया। इस दल के यात्री कैलाश मानसरोवर की परिक्रमा पूरी कर शुक्रवार हेलीकॉप्टर में गुंजी से पिथौरागढ़ लौट आए। दोपहर भोजन के बाद यात्री अल्मोड़ा के लिए रवाना हो गए। आईटीबीपी सातवीं वाहिनी मिर्थी के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार, दूसरे दल के यात्री कैलाश की परिक्रमा पूरी कर मानसरोवर की परिक्रमा कर रहे हैं। 

तीसरे दल के यात्री शनिवार को तड़के तकलाकोट से दार्चिन को रवाना होंगे। चौथे दल के यात्री गुंजी में हैं। यात्रियों ने मानसरोवर वन में 56 पौधों का रोपण किया। यात्रियों का शुक्रवार को आईटीबीपी चिकित्सकों ने स्वास्थ्य जांच की। इसमें सभी यात्री स्वस्थ पाए गए। यात्री शनिवार को तड़के गुंजी से कालापानी के लिए रवाना होंगे। उच्च हिमालयी क्षेत्र में मौसम खुशनुमा होने से यात्रियों में खासा उत्साह बना हुआ है।  

स्थानीय उत्पादों से रूबरू हुए यात्री  
कैलाश परिक्रमा कर लौटे पहले दल का पर्यटक आवास गृह में स्वागत किया गया। यहां मुख्य विकास अधिकारी वंदना की पहल पर यात्रियों को स्थानीय उत्पादों से रूबरू कराने के लिए आजीविका सहयोग परियोजना की ओर से किसान आउटलेट का स्टॉल लगाया गया। चौमू बाबा आजीविका स्वायत्त सहकारिता द्वारा संचालित आउटलेट में पहाड़ी दालें, मुनस्यारी की राजमा, तिमूर, गंदरायन, जंबू, डोला, मसाले, रिंगाल और पसमीना के उत्पाद, च्यूरा घी, शहद आदि उत्पाद रखे गए। यात्रियों ने स्टॉल से खरीदारी की। सीडीओ वंदना ने बताया कि दूसरे दल के यात्रियों को विकास भवन स्थित आउटलेट में लाया जाएगा।
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