लोगों को उत्पाती बंदरों से निजात नहीं मिल पा रही है। बंदरों पकड़ने वाली टीम से पालिका ने संपर्क किया तो रेट सुनकर कर्मचारी हैरान रह गए
योजना को फिलहाल रोका
नगर में बंदरों को पकड़ने की योजना ठंडे बस्ते में जा सकती है। बंदर पकड़ने वाली टीम ने जो रेट बताए हैं उसको सुनते ही पालिका प्रशासन के होश उड़ गए। जिससे फिलहाल पालिका ने बंदरों को पकड़ने की योजना को पीछे खिसका दिया है।
आतंक से परेशान लोग
शहर में गोविंद नगर, गाड़ीघाट, जौनपुर, गैराज, नजीबाबाद रोड आदि क्षेत्रों में बंदरों का आतंक बना हुआ है। जनता की परेशानी को देखते हुए नगर पालिका ने बंदरों को पकड़ने के लिए हामी भरी थी। लेकिन बंदरों को पकड़ने पर होने वाले खर्चे को देखकर पालिका के होश फाख्ता हो गए हैं।
मथुरा की संस्था ने किया आवेदन
मथुरा की जिस संस्था ने बंदरों को पकड़ने के लिए आवेदन किया है उसने सिर्फ आने के लिए 15500 रुपये, एक बंदर पकड़ने पर 500, एक आदमी के लिए एक दिन का खाना और रहने की व्यवस्था करने के साथ 400 रुपये मांगा है। ऐसे में नगर पालिका को कम से कम दो लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे।