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अब किताबें खरीदने को छात्र-छात्राओं के खाते में आएगा पैसा

Fri, 23 Jun 2017 11:32 AM IST
अनिल चन्दोला / अमर उजाला, देहरादून
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BOOKS
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सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अब किताबें खरीदने के लिए पैसा सीधे उनके बैंक अकाउंट में भेजा जाएगा।
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उत्तराखंड सरकार ने पहली बार नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) स्कीम के तहत यह धनराशि भेजने की शुरूआत की है। इसके तहत एससी और एसटी के सभी छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा। 

केंद्र सरकार डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचा रही है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए अब स्कूली बच्चों को भी योजना में शामिल किया गया है। पहली बार स्कूली बच्चों को किताबें खरीदने के लिए मिलने वाला पैसा सीधे उनके खाते में भेजा जा रहा है।
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प्रदेश में कक्षा नौ से 12वीं तक के एससी व एसटी छात्र-छात्राओं को किताबें खरीदने के लिए पैसा भेजा जाता है। इस वर्ष यह धनराशि सीधे उनके खातों में भेजी जा रही है। योजना के तहत कक्षा नौ और दस के छात्र-छात्राओं को छह सौ रुपये, 11 व 12 के विज्ञान वर्ग के छात्र-छात्राओं को एक हजार रुपये और कला एवं वाणिज्य वर्ग के छात्र-छात्राओं को एकमुश्त सात सौ रुपये की धनराशि भेजी जाएगी।
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आधार लिंक्ड बैंक खाता अनिवार्य

आधार कार्ड - फोटो : Getty Images
निदेशालय के स्तर से जिलों को धनराशि भेज दी गई है, जिसे अब छात्र-छात्राओं के खाते में भेजा जा रहा है। धनराशि मिलने के 15 दिनों के भीतर संबंधित जिले के मुख्य शिक्षाधिकारी को बजट उपभोग या वितरण का प्रमाण पत्र निदेशालय को जमा कराना होगा। 

योजना का लाभ लेने के लिए छात्र-छात्राओं का आधार लिंक्ड बचत बैंक खाता अनिवार्य रूप से होना चाहिए। खाता न होने या किसी तरह की गड़बड़ी होने पर पांच जुलाई तक संबंधित जिले के मुख्य शिक्षाधिकारी से संपर्क किया जा सकता है। 

सभी जिलों को योजना के तहत धनराशि भेज दी गई है। पहली बार पुस्तकें खरीदने के लिए सीधे आधार लिंक बैंक खाते में धनराशि भेजी जा रही है। इसकी जिम्मेदारी मुख्य शिक्षाधिकारी को सौंपी गई है।
- डा. रणवीर सिंह, अपर मुख्य सचिव
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